हिमाचल आजकल
शिमला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पंजाब में सुरक्षा चूक को लेकर हिमाचल के राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ अर्लेकर को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर , भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप सरकार में मंत्रि सुरेश भारद्वाज, राम लाल मार्कण्डेय, राजीव सेजल, महामंत्री त्रिलोक जम्वाल, महापौर सत्या कौंडल, मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा, सचिव प्यार सिंह कंवर, जिला अध्यक्ष रवि मेहता , मंडल अध्यक्ष राजेश शारदा, दिनेश ठाकुर की उपस्थिति में ज्ञापन सौंपा
इस अवसर पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पंजाब के फिरोजपुर में एक जनसभा को संबोधित करना था पर वे सभा स्थल तक नहीं पहुंच सके, क्योंकि रास्ते में पंजाब सरकार द्वारा संरक्षित उपद्रवियों व तथाकथित किसान संगठनों ने सुनियोजित ढंग से रास्ते को अवरूद्घ किया हुआ था जिसके कारण प्रधानमंत्री जी को लगभग 20 मिनट तक एक फ्लाईआेवर पर रूकना पड़ा जोकि उनकी सुरक्षा में बहुत बड़ी चूक व उनके खिलाफ सोची समझी साजिश का स्पष्ट प्रमाण है। देश के इतिहास में प्रधानमंत्री की सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक अब से पहले कहीं पर भी और कभी भी नहीं देखी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब राज्य में कांग्रेस पार्टी की सरकार है और एेसे में प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान उनकी सम्पूर्ण सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी राज्य सरकार की थी लेकिन पंजाब राज्य की कांग्रेस सरकार प्रधानमंत्री की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने में पूरी तरह नाकाम रही जिसके कारण प्रधानमंत्री की जान जोखिम में पड़ गई। कई महत्वपूर्ण तथ्यों एवं दस्तावेजों से यह बात सामने आई है कि यह कांग्रेस सरकार की घोर लापरवाही है जोकि उनके केन्द्रीय नेतृत्व के ईशारे पर हुई है। इससे पूर्व भी भारत ने दो पूर्व प्रधानमंत्री सुरक्षा व्यवस्था में चूक के कारण खोए हैं और पंजाब की कांग्रेस सरकार की जानबूझकर की गई इस लापरवाही के कारण एक बार फिर देश के प्रधानमंत्री की जान को खतरा पैदा हो गया था। कांग्रेस सरकार की इस घोर लापरवाही की पूरे राष्ट्र में पूरजोर निंदा हो रही है और लोगों में आक्रोश है कि कैसे कोई सरकार प्रधानमंत्री की सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कर सकती है।
जयराम ठाकुर ने कहा यह दिन इतिहास में काले अध्याय के रूप में याद किया जाएगा जब कांग्रेस के खूनी मंसूबे पंजाब की पवित्र भूमि पर विफल हो गए। देश ने आज तक न तो आतंकवाद के सबसे बुरे दौर में और न ही आतंक प्रभावित क्षेत्रो में ऐसी स्थिति का सामना किया है। भारत के इतिहास में किसी भी राज्य के पुलिस बल को प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था को पटरी से उतारने के निर्देश नहीं दिए गए थे और न ही किसी राज्य सरकार ने देश के प्रधानमंत्री को चोट पहुंचाने की साजिश रची थी। यह जो कुछ भी हुआ सोची समझी साजिश के तहत हुआ है। प्रधानमंत्री के काफिले के रूट की पूरी सुरक्षा व्यवस्था पंजाब पुलिस द्वारा की गई थी और प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार भी थी। पंजाब पुलिस ने प्रधानमंत्री के सुरक्षा अधिकारियों को भी आश्वस्त किया था कि मार्ग पूरी तरह से सुरक्षित है फिर पंजाब पुलिस के डीजीपी ने प्रधानमंत्री की सुरक्षा टीम को रास्ते के बारे में झूठी जानकारी व आश्वासन क्यों दिया और किसके कहने पर दिया, यह अपने आप में बहुत बड़ा सवाल है। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कहा भारत के इतिहास में पंजाब की पुण्य भूमि पर कांग्रेस के खूनी इरादे नाकाम रहे, जो लोग कांग्रेस में प्रधानमंत्री जी से घृणा करते हैं, वो आज उनकी सुरक्षा को नाकाम करने के लिए प्रयासरत थे। उन्होंने कांग्रेस सरकार को पूरी तरह फेल करार दिया और कहा कि सुरक्षा में कमी को जानते हुए भी पंजाब पुलिस मूकदर्शक बनी रही।


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