Thursday, February 26, 2026

नए शिक्षण संस्थान खोललना लक्ष्य नहीं, सुविधाएं जुटाना जरूरी : सुक्खू

मुख्यमंत्री ने आरकेएमवी में 9 करोड़ से बने भवन का किया लोकार्पण
हिमाचल आजकल
शिमला। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शिमला के आरकेएमवी कॉलेज की सभी कक्षाओं को स्मार्ट क्लास रूम बनाने और नया छात्रावास बनाने के लिए धनराशि उपलब्ध करवाने की घोषणा की। उन्होंने महाविद्यालय में डिजिटल लाइब्रेरी बनाने और साइंस ब्लॉक के जीर्णोद्घार के लिए 50 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की। वर्तमान राज्य सरकार ने सी-ब्लॉक के निर्माण के लिए 6 करोड़ रुपए की धनराशि उपलब्ध करवाई है। मुख्यमंत्री ने बुधवार को राजकीय कन्या महाविद्यालय शिमला में 9 करोड़ रुपए की लागत से बने ब्लॉक-सी भवन का लोकार्पण किया। इसके बाद वह महाविद्यालय के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह 2023-24 में शामिल हुए और विभिन्न क्षेत्रों में उत्ष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राआें को पुरस्कृत किया।
मुख्यमंत्री ने कहा हमारा उद्देश्य नए स्कूल और महाविद्यालय खोलना नहीं है, बल्कि अध्यापकों की समुचित तैनाती और अन्य सुविधाएं जुटाना जरूरी है। यह चिंता का विषय है कि हम गुणात्मक शिक्षा में देशभर में 21वें स्थान पर पहुंच गए हैं। हमने फैसला किया है कि शैक्षणिक सत्र के बीच अध्यापकों का स्थानांतरण नहीं होगा और हमें भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप नीतियां बनानी होंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गांव में भी बेहतर शिक्षा उपलब्ध करवाने के प्रयास कर रही है और सभी विधानसभा क्षेत्रों में चरणबद्घ तरीके से राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोले जा रहे हैं।


उन्होंने कहा कि लड़कियों को सशक्त बनाने के लिए वर्तमान सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं। लड़कियों की शादी योग्य आयु 18 से बढ़ाकर 21 की गई है। लैंगिक असमानता को दूर करने के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश सरकार ने 51 वर्ष पुराने ‘हिमाचल प्रदेश भू-जोत अधिकतम सीमा अधिनियम-1972 में संशोधन किया है। नए कानून में पैतृक संपत्ति में वयस्क बेटी को 150 बीघा भूमि की एक अलग इकाई रखने का अधिकार होगा।


अपने छात्र जीवन के दिनों को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 17 वर्ष की आयु में मैंने अपने जीवन का पहला चुनाव लड़ा। उस समय राजकीय स्नातक महाविद्यालय संजौली और आरकेएमवी से बहुत से छात्र मेरिट लिस्ट में होते थे। आज कई साथियों को अध्यापक और अन्य पदों पर देखकर मुझे खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि आरकेएमवी महाविद्यालय का अपना इतिहास रहा है। हिमाचल की पहली इंडियन फरेन सर्विस अधिकारी विजया ठाकुर और आईपीएस अधिकारी तिलोतमा वर्मा ने आरकेएमवी महाविद्यालय से शिक्षा ग्रहण की थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 4000 अनाथ बच्चों को चिल्ड्रन अफ द स्टेट के रूप में अपनाया है तथा विधवाआें के 23 हजार बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है।

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