गृह रक्षकों के दैनिक भत्ते को बढक़ार 500 रुपए किया
जिला मुख्यालयों में ड्रोन केंद्र किए जाएंगे स्थापित मुख्यमंत्री
हिमाचल आजकल
शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने महिला गृह रक्षकों को 180 दिन का मातृत्व अवकाश प्रदान करने की घोषणा की है। इसके अलावा उन्होंने प्रदेश के बाहर तैनाती के दौरान गृह रक्षकों के दैनिक भत्ते को 60 रुपए से बढ़ाकर 500 रुपए करने का भी ऐलान किया है। इसके लिए आगले बजट में प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गृह रक्षा बल को मजबूज करने के लिए 700 रिक्त पदों को भरेंगी। इसके अतिरिक्त, पालमपुर और कांगड़ा इकाई परिसर में एसडीआरएफ मुख्यालय के निर्माण और संचार प्रणाली को मजबूत करने के लिए धन आवंटित किया जाएगा। उन्होंने लोगों की सुविधा के लिए एसडीआरएफ नियन्त्रण कक्ष में नए दूरभाष नम्बर स्वीकृत करने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबध्ंान की क्षमताआें में सुधार करने के लिए सभी जिला मुख्यालयों पर ड्रोन स्टेशन स्थापित करने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को शिमला के रिज मैदान में हिमाचल प्रदेश गृह रक्षा एवं नागरिक सुरक्षा के 62वें राज्य स्तरीय राइजिंग डे कार्यक्रम की अयक्षता की। इस वर्ष पहली बार राज्यस्तरीय समारोह का आयोजन किया गया है।
कार्यक्रम के दौरान कमाण्डर विनय कुमार के नेेतृत्व में 17 टुकडिय़ां परेड में शामिल हुई। प्लाटून कमांडर लता राही के नेतृत्व में महिला टुकड़ी दल, संबंाित कमांडर के नेतृत्व में प्रदेश के विभिन्न जिलों की टुकडिय़ों ने परेड का शानदार प्रदर्शन किया। गृह रक्षा जवानों द्वारा बैटल मार्चपास्ट और गृह रक्षा बैंड के द्वारा संगीत में प्रस्तुति भी दी गई। सुरक्षित हिमाचल थीम पर गृह रक्षा के जवानों ने आपदा प्रबंधन तकनीक को प्रदर्शित किया।

मुख्यमंत्री ने आपदा के कुशल प्रबध्ंान में गृह रक्षा एवं नागरिक सुरक्षा कर्मियों के समर्पित कार्यों और प्रतिबद्घता की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य आपदा प्रबंधन बल के आधुनिकरण के लिए प्रतिबद्घ है और इसके लिए आधुनिक उपकरण और पर्याप्त धनराशि आबंटित करने की दिशा मे कार्य किया जा रहा है। वर्तमान में एसडीआरएफ के पास 5 किलोग्राम की क्षमता तक वजन उठाने में सक्षम ड्रोन है और आपदा के प्रबंान की दिशा में अािक क्षमता वाले ड्रोन की आपूर्ति भी सुनिश्चित की जाएगी।
गृह रक्षा राइजिंग डे के अवसर पर अपनी शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने गृह रक्षकों, अग्रिशमन विभाग के कर्मियों और एसडीआरएफ के अतुलनीय कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश ने विनाशकारी आपदा के दंश को झेला है जिसमें जानमाल का अत्याधिक नुक्सान हुआ था। उन्होंने स्वयं ग्राउंड जीरो में रह कर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया और सभी के सहयोग से 75 हजार पर्यटकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना सुनिश्चित किया, जिनमें लाहौल-स्पीति के चन्द्रताल में फंसे 300 पर्यटक भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि आपदा के प्रबध्ंान में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और विधायक संजय अवस्थी ने महवपूर्ण भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की स्थिति के दौरान अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आज से 6 जनवरी, 2025 तक राज्यस्तरीय आपदा प्रबंान जागरूकता अभियान आरम्भ किया जाएगा और इसे जनभागीदारी से सफल बनाना सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण प्राकृतिक आपदाआें से उत्पन्न चुनौतियों से सामुदायिक भागीदारी से सफलतापूर्वक निपटा जा सकता है।


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