Thursday, February 26, 2026

प्रदेश सरकार शिपकी ला के रास्ते कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू करने के लिए केंद्र से आग्रह करेगी

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इनर लाइन पोस्टों को समाप्त करने का मामला उठाया जाएगा : मुख्यमंत्री
हिमाचल आजकल
शिमला। हिमाचल प्रदेश किन्नौर जिला से शिपकी ला के रास्ते कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू करने का मामला केंद्र सरकार के समक्ष रखेगा। यह बात मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को मध्य कमान, लखनऊ के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। हिन्दू, जैन, बौद्घ धर्म के लोगों के लिए कैलाश मानसरोवर यात्रा का धार्मिक महव है। हर वर्ष आध्यात्मिक विरासत का निर्वहन करते हुए हजारों तीर्थ यात्री कैलाश की यात्रा करते हैं। उन्होंने कहा कि तीर्थयात्री शिपकी-ला दर्रे के माध्यम से तिब्बत में प्रवेश कर सकते हैं, क्योंकि यह एक व्यवहार्य मार्ग है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केंद्र सरकार से सिक्किम, लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश की तर्ज पर हिमाचल स्काउट बटालियन की स्थापना करने का आग्रह करेगी, जिसमें राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों के स्थानीय लोगों के लिए विशेष कोटा होगा। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों की यह मांग लंबे समय से लंबित है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एलएसी तक बर्डर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए भारतीय सेना और अन्य अर्धसैनिक बलों के साथ सहयोग और सहभागिता आवश्यक है। राज्य सरकार केंद्र सरकार से विभिन्न सैन्य और अर्धसैनिक बलों की इनर लाइन चेक पोस्टों को समाप्त करने का भी आग्रह करेगी, जिससे वर्तमान में पर्यटकों के लिए परमिट संबंधी बाधा उत्पन्न होती है। उन्होंने पर्यटकों की यात्रा को सरल बनाने और आगंतुकों के अनुभव को बेहतर बनाने पर बल दिया।
सुक्खू ने स्पीति घाटी में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सेना से रंगरिक में एक हवाई पट्टी स्थापित करने के लिए कहा, ताकि यहां बड़े विमान उतरने में सक्षम हो सके। उन्होंने सांगला, नेसंग व ठंगी में हेलीपोर्ट बनाने के लिए सर्वेक्षण करने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि इन कदमों से क्षेत्र में पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा और स्थानीय लोगों की आर्थिकी मजबूत होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सडक़ों का रख-रखाव रक्षा मंत्रालय द्वारा किया जाना चाहिए क्योंकि सडक़ें राज्य की जीवन रेखा का कार्य करती है। इनमें किआटो-तकलिंग ला-नूरबो सुमदो, वांगतू-काफनू-मुद-अटरगू, लियो-चांगो, गिउ-पांग, खानादुमती-निथल थाच, हरसिल, ज्योरी-वांगतू से शिपकी-ला तक की सडक़ें शामिल हैं।
लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता ने कहा कि भारतीय सेना काजा में सभी मौसम के अनुकूल आइस स्केटिंग रिंक और एक इनडोर स्टेडियम का निर्माण करेगी। इसके अतिरिक्त सेना द्वारा काजा में नेत्र स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन भी किया जाएगा जिसमें विभिन्न सुविधाएं रहेंगी।

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