पंचायत प्रतिनिधि नशे की समस्या को रोकने में सक्रिय सहयोग प्रदान करें: सुक्खू
हिमाचल आजकल
शिमला। प्रदेश की पंचायती राज संस्थाओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने पिछले दो वर्षों में उनके मानदेय में दो गुना वृद्घि करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार पंचायती राज संस्थाआें के प्रतिनिधियों के मानदेय में इतनी महत्वपूर्ण वृद्घि हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी विभिन्न मांगें भी रखीं, जिन पर उन्होंने सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में पंचायती राज संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व.राजीव गांधी ने संविधान में ऐतिहासिक 73वें और 74वें संशोधन के माध्यम से पंचायती राज संस्थाओं में महिलाआें के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया था। इस एेतिहासिक कदम से महिलाएं सशक्त हुई हैं और प्रदेश के विकास में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के उत्थान को प्राथमिकता दे रही है तथा इस संबंध में अनेक कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हल्दी के लिए 90 रुपए प्रति किलोग्राम, प्रातिक रूप से उगाए गए गेहूं के लिए 60 रुपए प्रति किलोग्राम व मक्का के लिए 40 रुपए प्रति किलोग्राम न्यूनतम समर्थन मूल्य दे रही है। राज्य सरकार ने पिछले दो वर्षों में मनरेगा की दैनिक मजदूरी में 80 रुपए की वृद्घि की है।
मुख्यमंत्री ने पंचायती राज संस्थाआें के प्रतिनिधियों से अपने क्षेत्रों में नशे की समस्या को रोकने के लिए प्रदेश सरकार के प्रयासों में सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया तथा कहा कि राज्य सरकार नशा तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही इस अवसर पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, विधायक विवेक शर्मा व अन्य लोग भी उपस्थित थे।


| All Rights Reserved | Website By :