Sunday, January 11, 2026

आत्मनिर्भर हिमाचल व किसानों की आय दोगुनी करना सरकार का लक्ष्य : चंद्र कुमार

प्रदेश में चरवाहों के लिए जल्द शुरू होगी पहल योजना

हिमाचल आजकल
शिमला। कृषि एवं पशुपालन मंत्री चन्द्र कुमार ने कहा कि देश की सीमाओं के प्रहरी के तौर पर चरवाहों की अहम भूमिका है। हमारी सीमाओं की व पर्यावरण के संरक्षण के लिए उनका योगदान हमेशा अग्रणी रहा है। इसमें गद्दी व गुज्जर मुख्य तौर पर शामिल है। उन्होंने कहा कि इनके लिए एक व्यापक योजना तैयार की गई है। इसका नाम ’पहल’ रखा गया है। इस योजना को केंद्र सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। इस योजना से चरवाहों को काफी लाभ मिलेगा। चंद्र कुमार ने शुक्रवार को पशुपालन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में विभाग की ओर से चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। सभी योजनाओं के नोडल अधिकारियों ने योजनाओं को लेकर प्रस्तुतीकरण भी दिया।

उन्होंने कहा जहां जहां डायरी कोऑपरेटिव सोसायटी बनाई जा रही है, वहां पर लगातार दूध का उत्पादन होना चाहिए। इसके साथ ही ऐसी जगह सोसायटी स्थापित हो जहां से दूध एकत्रित करने के लिए आसानी भी हो सके। भविष्य की मांग को देखते हुए इन सोसायटी का गठन किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए है जिन पंचायतों में सोसायटी स्थापित नहीं करना चाहते हैए वहां की पंचायत को प्रस्ताव पास करके देना होगा कि पंचायत डायरी सोसायटी स्थापित नहीं करना चाहती है। यह प्रस्ताव सभी पंचायत सदस्यों की मौजूदगी में होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए है सोसायटी का पंजीकरण निर्धारित समय 15 अक्टूबर तक करें। इसमें देरी होने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। न्होंने कहा कि पशुपालन विभाग के स्टाफ को फील्ड में उतरना होगा। चिकित्सक फील्ड में पशु पालकों से लगातार बातचीत करें। घर द्वार पर ही किसानों के पशुओं को स्वास्थ्य देखभाल में फीडबैक ले।

दूध प्रोत्साहन योजना 4 अक्टूबर को होगी शुरू
किसानों को प्रोत्साहन देने के लिए पात्र गैर.सरकारी डेयरी सहकारी समितियों को दूध की आपूर्ति करने वाले किसानों के लिए दूध प्रोत्साहन योजना शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत दूध उत्पादकों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण मोड के माध्यम से 3 रुपये प्रति लीटर की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। यह योजना 4 अक्टूबर को प्रदेश में लांच की जाएगी। इसमें 8 हज़ार सदस्य जमी 4 सोसायटी के है इन्हें लाभ मिलेगा। यह कदम डेयरी किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगा और दूध उत्पादन को बढ़ावा देगा।

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