हिमाचल आजकल
शिमला। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि विपक्ष के निराधार और राजनीति से प्रेरित आरोपों का खंडन किया और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार के सक्रिय और कल्याणकारी शासन पर प्रकाश डाला। उन्होंने साफ किया कि पंचायत चुनावों का स्थगन विशुद्ध रूप से प्रशासनिक है, जो अधिकारियों की वैध सिफारिशों पर आधारित है और जिसमें नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोपरि प्राथमिकता दी गई है। राज्य हाल ही में प्राकृतिक आपदाओं से बुरी तरह प्रभावित हुआ हैए जिसके परिणामस्वरूप बहुमूल्य जिंदगियों का दुखद नुकसान हुआ है।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने दोहरे मापदंड दिखाए हैं, क्योंकि उन्होंने स्वयं 2022 में निगम चुनावों को एक साल के लिए टाला था और भाजपा शासित कई अन्य राज्यों में भी विभिन्न कारणों से चुनाव टाले गए थे। फिर भीए हिमाचल में कांग्रेस सरकार की आलोचना करते समय भाजपा ऐसे संदर्भों को नजरअंदाज करना चुनती है। चुनावों को टालने का निर्णय नागरिकों की सुरक्षा और आने वाली कठोर सर्दियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया था। यह राजनीतिक विचारों पर लोगों के जीवन के लिए कांग्रेस सरकार की वास्तविक चिंता को दर्शाता है। शिक्षा मंत्री ने आश्वासन दिया कि स्थिति सामान्य होने पर चुनाव कराए जाएंगे।
2023 सेए हिमाचल प्रदेश ने गंभीर प्राकृतिक आपदाओं का सामना किया हैए जिसमें लगभग 700 लोगों की जान गई है और बुनियादी ढांचे को 15,000 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। जहां पूर्व जय राम ठाकुर के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार तैयारी सुनिश्चित करने में विफल रहीए वहीं कांग्रेस सरकार ने सक्रिय रूप से कार्य किया और राज्य के संसाधनों से 4,500 करोड़ का विशेष राहत पैकेज जारी किया और पूरी तरह से या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त घरों के लिए मुआवजे में उल्लेखनीय वृद्धि की। सरकार ने कृषकों, बागवानों, दुकानदारों, विस्थापित परिवारों और शहरी एवं ग्रामीण परिवारों को भी सहायता प्रदान की है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि उन्होंने और उनके कैबिनेट सहयोगियों ने राज्य की स्थिति से अवगत कराने के लिए केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की और प्रभावित परिवारों के लिए सहायता की अपील की। इन लगातार प्रयासों के बावजूदए केंद्र ने आवश्यक समर्थन नही दिया क्योंकि विपक्ष ने बार.बार इस प्रक्रिया में बाधा डाली। रचनात्मक विपक्ष की तरह कार्य करने के बजायए भाजपा जनता को गुमराह करती हैए राज्य कांग्रेस नेताओं के आधिकारिक दौरों पर बेबुनियाद सवाल उठाती है और व्यक्तिगत हमलों में लिप्त होती हैए जो वास्तविक मुद्दों को उजागर करने में उनकी अक्षमता को दर्शाता है। विपक्ष हिमाचल प्रदेश के अधिकारों का केंद्र में प्रतिनिधित्व करने में पूरी तरह विफल रहा हैए राज्य के लिए राहत में एक पैसा भी नही दिलवा पाया है। भाजपाए प्रदेश कांग्रेस सरकार की हर रचनात्मक पहल में दोष खोजने और हमला करने में पूरी तरह से लगे हुए हैंए जो उस राज्य के लोगों के कल्याण के प्रति उनकी पूर्ण उपेक्षा को दर्शाता है जिसके लिए वे लडऩे का दावा करते हैं।
मंत्री ने कांग्रेस सरकार के तहत शिक्षा में हुए ऐतिहासिक परिवर्तन पर भी प्रकाश डालाए जिसने राष्ट्रीय मान्यता अर्जित की है। कक्षा 1 से अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा शुरू की गई है और अगले शैक्षणिक सत्र से 100 सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को ( सीबीएसई) से संबद्ध किया जाएगा। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी डे.बोर्डिंग स्कूल आधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ स्थापित किए जा रहे हैंए जो छात्रों को विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा और सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं। पिछली भाजपा सरकार की तुलना में पिछले ढाई वर्षों में 7,000 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की गई है और 7,000 से अधिक पद भरे गए हैं। शून्य और बहुत कम छात्र नामांकन वाले स्कूलों के संसाधनों के इष्टतम उपयोग के लिए उनका युक्तिकरण ;तंजपवदंसप्रमकद्ध किया गया है। शिक्षकों को केवल शैक्षणिक सत्र के अंत में सेवानिवृत्त करने का निर्णय छात्रों की निर्बाध शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया था।
आपदा प्रभावित स्कूलों की मरम्मत और पुनर्निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई हैए और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए कम से कम एक सीबीएसई.संबद्ध ;ब्ठैम् िि।पसपंजमकद्ध स्कूल होगा। बेहतर समन्वय के लिए शिक्षा विभाग का पुनर्गठन किया गया हैए जिसमें एक निदेशालय स्कूली शिक्षा की देखरेख कर रहा है और दूसरा उच्च शिक्षा को संभाल रहा है। बैग.फ्री डेए स्थानीय बोली को बढ़ावा देनेए स्कूल गोद लेने और कंबोडिया तथा सिंगापुर जैसे देशों में छात्रों और शिक्षकों के लिए एक्सपोजर विजिट जैसी पहल सीखने के परिणामों और सामुदायिक जुड़ाव को मजबूत करने के लिए हैं।
पिछले ढाई वर्षों मेंए हिमाचल प्रदेश ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की हैए एक पूर्ण साक्षर राज्य बनने के लक्ष्य को प्राप्त किया हैए जो 2021 में 21वें स्थान से बढक़र राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष पांच राज्यों में शामिल हो गया हैए नवीनतम ।ैम्त् रिपोर्ट में हिमाचली बच्चों को देश में पढऩे और सीखने के स्तर में सर्वश्रेष्ठ स्थान दिया गया है।
डॉण् वाईण्एसण् परमार विद्यार्थी ऋण योजनाए मुख्यमंत्री सुख शिक्षा योजना और कई अन्य योजनाओं सहित 87,000 से अधिक छात्रों को छात्रवृत्ति से लाभ हुआ है, जिसमें दो वर्षों में 92 करोड़ वितरित किए गए हैं। बाल पौष्टिक आहार योजना 15,181 स्कूलों में 5,34 लाख से अधिक छात्रों को पौष्टिक भोजन प्रदान करती है।
हिमाचल में स्थिति सामान्य होने पर करवाएं जाएंगे पंचायत के चुनाव: रोहित ठाकुर
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