Sunday, January 11, 2026

सरकार के स्नेह के साथ लक्ष्य हासिल करने के लिए जीवन में आगे बढ़ रहे चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट

371 विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए 1.53 करोड़ रुपये की शैक्षणिक सहायता प्रदान
हिमाचल आजकल
शिमला। माता व पिता के स्नेह, सामाजिक सुरक्षा और अवसरों से वंचित बच्चों को प्रदेश सरकार ने चिल्ड्रन आफ द स्टेट के रूप में गोद लेकर प्यार दुलार के साथ जीवन में आगे बढऩे के अवसर प्रदान किए हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में सरकार मानवीय दृष्टिकोण अपनाकर वंचित वर्गों के कल्याण के लिए प्रमुखता से कार्य कर रही है। इस दिशा में अनाथ बच्चों, बेसहारा महिलाओं और वृद्धजनों को सहारा देने के लिए प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना शुरू की है। इस योजना के तहत लगभग 6 हजार बच्चों को चिल्ड्रन आफ द स्टेटष् के रूप में अपनाया गया है। अनाथ बच्चों को सहारा देने के लिए कानून बनाने वाला हिमाचल देश का पहला राज्य बना है।
राज्य सरकार इन बच्चों को 27 वर्ष की आयु तक नि:शुल्क शिक्षा प्रदान कर रही हैए जिसमें उच्च शिक्षा और कौशल विकास के अवसर शामिल हैं। इसके अलावाए इन बच्चों को उद्यमिता समर्थन, आवास सहायता, प्रशिक्षण और गोवा, अमृतसर और दिल्ली की ट्रेन व हवाई यात्रा के साथ फाइव स्टार जैसी रहने की सुविधाएं और एक्सपोजर विजिट शामिल हैं। प्रदेश सरकार ने 371 विद्यार्थियों को उच्च शिक्षाए छात्रावास शुल्क और शिक्षा शुल्क के लिए 1.53 करोड़ रुपए की शैक्षणिक सहायता प्रदान की है जबकि 238 लाभार्थियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण मिला है। कोचिंग, कौशल विकास अनुदान और व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों ने युवा लाभार्थियों को आज के रोजगार परिदृश्य में आत्मविश्वास के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए और अधिक सक्षम बनाया है।
शिक्षा के अलावा प्रदेश सरकार ने सुख आश्रय योजना के तहत लाभार्थियों की सामाजिक सुरक्षा के लिए एक समग्र दृष्टिकोण अपनाया है। बीते तीन वर्षों में विभिन्न कल्याणकारी पहलों के तहत लाभार्थियों को 28 करोड़ रुपए की सहायता प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त 2ए635 बच्चों को वस्त्र भत्ताए 3,268 बच्चों को उत्सव भत्ताए 2,471 बच्चों को पोषण भत्ता व स्टार्ट.अप शुरू करने के लिए सहायता प्रदान की गई है। 264 लाभार्थियों को 5.16 करोड़ रुपये का विवाह अनुदान भी प्रदान किया गया है।
राज्य सरकार ने उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए 75 युवाओं को 65.36 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की हैए जिससे वह अपना कारोबार आरम्भ कर स्वावलंबी बन सकें।
राज्य सरकार ने 423 लाभार्थियों को आवास निर्माण सहायता प्रदान की है और योग्य व्यक्तियों को भूमि आवंटित की है। इसके अलावा मुख्यमंत्री विधवा एवं एकल नारी आवास योजना के तहत 26 लाभार्थियों को 3 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।

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