Thursday, April 9, 2026

एनसीवीईटी ड्यूल स्टेटस प्राप्त करने वाला देश का दूसरा राज्य बना हिमाचल : रोहित ठाकुर

हिमाचल के स्कूलों में बागवानी व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा
हिमाचल आजकल
शिमला। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि वर्तमान राज्य सरकार और हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (एचपीबोस) के लगातार प्रयासों के परिणामस्वरूप बोर्ड को राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीईटी) से ड्यूल कैटेगरी मान्यता प्राप्त हुई है। इस उपलब्धि के साथ हिमाचल प्रदेश] आंध्र प्रदेश के बाद देश का दूसरा राज्य बन गया हैए जिसे अवॉर्डिंग बॉडी (एबी) और असेसमेंट एजेंसी (एए) दोनों के रूप में मान्यता मिली है।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राज्य में व्यावसायिक शिक्षा को मजबूत करने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में एक 1द्दद्ग कदम है। इस मान्यता के साथ अब हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्डए राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचा (एनएसक्यूएफ) के तहत व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का निर्माणए प्रशिक्षणए मूल्यांकन और प्रमाणन स्वयं कर सकेगा।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि इस व्यवस्था के अंतर्गत जारी किए जाने वाले प्रमाण पत्रों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त होगी, जिससे छात्रों को देश और विदेश में रोजगार और उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के उस दृष्टिकोण के अनुरूप है] जिसमें अकादमिक और व्यावसायिक शिक्षा के बीच की दूरी को समाप्त करने पर बल दिया गया है।
रोहित ठाकुर ने कहा कि इस नई व्यवस्था के तहत पहला प्रमुख कदम उठाते हुए प्रदेश सरकार द्वारा स्कूलों में बागवानी विषय में व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को फ्रूट बाउल ऑफ इंडिया के रूप में जाना जाता है और यह पाठ्यक्रम राज्य की कृषि और बागवानी आधारित अर्थव्यवस्था को और मजबूत करने में सहायक होगा।
सचिव स्कूल शिक्षा बोर्ड मेजर विशाल ने बताया कि कार्यक्रम एनएसक्यूएफ के स्तर 1 से 4 के अनुरूप संचालित किया जाएगाए जिससे यह सुनिश्चित होगा कि विद्यालयों में सिखाए जाने वाले कौशल आधुनिक उद्योग और कृषि क्षेत्र की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप हो। यह पहल युवाओं में उद्यमिता की भावना को भी प्रोत्साहित करेगी, जिससे वे उन्नत तकनीकों और वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाकर अपने बागवानों का आधुनिकीकरण कर सकेंगे।
मेजर विशाल ने कहा कि बोर्ड इस नई व्यवस्था को पारदर्शी और प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इससे स्कूल स्तर पर कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और राज्य के छात्रों के लिए भविष्य में नए अवसर खुलेंगे।

Get in Touch

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related Articles