60 साल की आयु पार कर चुके सभी लोगों को मिलेगी वृद्वावस्था पेंशन
पंचायत व शहरी निकाय के प्रतिनिधियों का मानदेय भी बढ़ा
हिमाचल आजकल
शिमला। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने वितीय वर्ष 2022-23 के लिए 51 हजार 365 करोड़ रूपए का बजट पेश किया है। बजट में किसी भी प्रकार का नया टैक्स नहीं लगाया गया है। भाजपा सरकार का यह पांचवां व आखिरी बजट है। हिमाचल में इसी साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में बजट को लोकलुभावना बनाया गया है। बजट में 10 नई योजनाओं का घोषणा की गई। प्रदेश की तंग माली हालत के बावजूद बजट में हर वर्ग को राहत देने की कोशिश की गई है। सामाजिक सुरक्षा को बजट में खास तरजीह दी गई है। बजट में किसानों-बागवानों को भी प्रथमिकता मिली है। दिहाड़ीदारों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा वर्करों, एसएमएस शिक्षकों व आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ौेतरी की गई है। पंचायती व शहरी निकाय के जन प्रतिनिधियों का भी मानदेय बढ़ाया गया है। बेरोजगारों को सौेगात देते हुए 30 हजार से अधिक पदों को भरने की घोषणा की गई है। प्रदेश में आशा कार्यकर्ताओं के 780 नए पद, आशा फैसिलीटेटर के 437 पद और कमयूनिटी हैल्थ आफिसर के 870 पद भरे जाएंगे। इसी तरह सवास्थ्य विभाग में चिकित्सकों के 500 नए पद भरे जाएंगे। हिमकेयर योजना के तहत साल भर पंजीकरण सुविधा देने और पंजीकरण की अवधि एक से बढ़ाकर तीन वर्ष करने की घोषणा की गई है।
मुख्यमंत्री ने बजट में 60 साल की आयू पार कर चुके सभी लोगों को वृद्वावस्था पेंशन देने की महत्वूपर्ण घोषणा की है। इसके लिए आय सीमा में छूट रहेगी। वर्तमान में 70 साल की आयु वाले वरिष्ठ नागरिकों को बुढापा पेंशन प्रदान की जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 850 रूपये मासिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन पा रहे लोगों को अब 1 हजार रूपये पेंशन मिलेगी। इसी तरह एक हजार रूपये मासिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन पा रहे लोगों को अब एक हजार 150 रूपये पेंशन मिलेगी। जो वर्ग अब तक 1500 रूपये पेंशन ले रहे थे, उनकी पेंशन बढ़ाकर 1700 रूपये कर दी गई है।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शुक्रवार को जो बजट पेश किया उसके मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 36 हजार 375 करोड़ रूपए राजस्व आय का अनुमान जताया गया है। कुल राजस्व व्यय 40 हजार 278 करोड़ रूपए और कुल राजस्व घाटा 3 हजार 903 करोड रूपए अनुमानित है। बजट में राजकोषीय घाट 9 हजार 602 करोड़ रहने का अनुमान है। सरकार ने कहा कि प्रति 100 रूपए में वेतन भत्तों पर 26 रूपये, पैंशन पर 15 रूपए, ब्याज अदायगी पर 10 रूपए, ऋण अदायगी पर 11 रूपये, स्वायत संस्थानों के लिए ग्रांट पर 9 रूपये, जबकि शेष 29 रूपए पूंजीगत कार्यों सहित अन्य गतिविधियों पर खर्च किए जाएंगे।
बजट में नाबार्ड से पोषित की जाने वाली विधायक प्राथमिकता योजनाआें के लिए प्रति विधानसभा चुनाव क्षेत्र की वर्तमान सीमा को बढ़ाकर 150 करोड रूपये करने की घोषणा की है। नाबार्ड से पोषित की जाने वाली विधायक प्राथमिकता योजनाआें में विधायक रोपवेज परियोजनाएं सम्मिलत कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने विधायक क्षेत्र विकास निधि योजना के तहत प्रति विधानसभा खेत्र राशि को एक करोड़ 80 लाख रूपये से बढ़ाकर दो करोड़ करने की भी घोषणा की है। इसी तरह विधायक एेच्छिक निधि को 10 लाख रूपये से बढ़ाकर 12 लाख रूपये किया।
मुख्यमंत्री ने बजट में घोषणा की है कि उज्जवला और गृहिणी सुविधा योजना के लाभार्थियों को तीन निशुल्क सिलेंडर का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बजट में मजदूरों की दिहाड़ी बढ़ाकर 350 रुपए करने की घोषणा कर दी है। प्रदेश में पहले दिहाड़ीदारों को मिलने वाली न्यूनतम दिहाड़ी 300 रुपए थी जो बजट में बढ़ाकर 350 रुपए प्रतिदिन करने की घोषणा की गई। इसके अलावा आउटसोर्स पर काम करने वाले कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 10500 रुपए तय किया गया है। कम्पनियों को अपने आउटसोर्स कर्मियों को न्यूनतम 10500 रुपए वेतन देना होगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताआें को 1700 रूपए की बढ़ौतरी के साथ अब 9 हजार रूपये मासिक मानदेय मिलेगा। अब 9 हजार रूपये मासिक मानदेय मिलेगा। इसी तरह मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताआें को मासिक 900 रूपए बढ़ौतरी के साथ अब 6100 रूपए मिलेंगे। आंगनबाडी सहायिका को प्रतिमाह 900 रूपए की बढ़ौतरी के साथ अब 4700 रूपए प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। आशा वर्कर को 1825 रूपए की बएघैतरी के साथ 4700 रूपए प्रति माह, शिलाई अध्यापिकाआें को 900 रूपए बढ़ौतरी के साथ 7950 रूपए प्रतिमाह, मिड-डे-मील वर्कर्ज को 900 रूपए बढ़ौतरी के साथ 3500 रूपए, वारट कैरियर शिक्षा विभाग को 900 रूपए बढ़ौतरी के साथ 3900 रूपए, जल रक्षक को 900 रूपए बढ़ौतरी के साथ 4500 रूपए, जलशक्ति विभाग के मल्टी पर्पस वर्कर को 900 रूपए बढ़ौतरी के साथ 3900 रूपए, पैरा फिटर तथा पंप आपरेटरर्स को 900 रूपये की बढ़ौतरी के साथ 5500 रूपए, पंचायत चौैकीदार को 900 रूपए बढ़ौतरी के साथ 6500 रूपए, राजस्व चौेकीदार को 900 रूपए बढ़ौतरी के साथ 5000 रूपए, राजस्व लंबरदार को 900 रूपए बढ़ौतरी के साथ 3200 रूपए प्रति माह मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि एसएमसी शिक्षकों व आइटी शिक्षकों के मानदेय में एक हजार यपये प्रतिमाह की बढ़ौतरी की गई है। एसपीआे को 900 रूपए प्रति माह बढ़ौेतरी की गई है।

बजट में एक हजार आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण करने की घोषणा भी की है। मुख्यमंत्री ने सवर कोकिला लता मंगेशकर के नाम पर प्रदेश में एक संगीत महाविद्यालय की स्थापना की भी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि प्रदश सरकार हिमाचली लोक संगीत को बढ़ावा देने के लिए लता मंगेशकर स्मृति राज्य सम्मान प्रारंभ करेगी, जो कि प्रति वर्ष लोक गायन के क्षेत्र में श्रेष्ठ योगदान के लिए प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने एेलान किया है कि प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही छात्रवृति योजनाआें की राशि में 1250 रूपए से 2 हजार प्रतिमाह बढ़ाने का एेलान किया है।
बजट में जिन नई योजनाआें की घोषणा की गई है, उनमें मुख्यमंत्री बाल सुपोषण योजना, मुख्यमंत्री असहाय बाल पुनर्वास योजना, मुख्यमंत्री मोबाइल क्लिनिक योजना, मुख्यमंत्री शोध प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री विद्यार्थी कल्याण योजना, बाल प्रतिभा छात्रवृति योजना, कौेशल आपके द्वार योजना, मुख्यमंत्री मोबाइल क्लिनिक योजना, गनर्वेंस एंउ रिफोर्मस यूजिंग ड्रोनस योजना इत्यादि शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में कहा कि गृह रक्षकों के लिए जिला और प्रदेश से बाहर जाने पर दैनिक भत्ता दिया जाएगा तथा गृह रक्षा विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का रेंक अलउस बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ड्रोन प्रशिक्षण के लिए हिमाचल में 4 फ्लाईंग स्कूल स्थापित किए जाएगें। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश देश का पहला ग्रीन स्टेट बनेगा। बिजली उपभोक्ताआें को 60 यूनिट तक जीरों बिलिंग, 61-125 युनिट तक 1 रुपये प्रति युनिट की दर से बिजली उपलब्ध करवाई जाएगी। किसानों के लिए बिजली की दर 30 पैसे प्रति यूनिट होगी। मुख्यमंत्री रोशनी योजना के अंतर्गत 5 हजार परिवारों को कनेक्शन दिए जाएंगे। वर्षा जल संग्रहण नीति बनाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडी ग्रीन फिल्ड हवाई अड्डे के निर्माण के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के साथ एमआेयू हस्ताक्षरित करने के बाद भू-अधिग्रहण का कार्य शीघ्र शुुरु किया जाएगा। पूर्वतमाला-राष्ट्रीय रज्जूमार्ग विकास कार्यक्रम के अंतर्गत 4 रज्जू मार्गों का निर्माण किया जाएगा। जल जीवन मिशन’ के अन्तर्गत 2022 के अंत तक प्रदेश के सभी ग्रामीण परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन दे दिए जाएंगे। 681 करोड़ की लागत से प्रदेश में 5 बड़ी पेयजल योजनाआें के निर्माण होगा। 2 हजार 65 किलोमीटर लम्बी सडकों को पक्का किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि स्वर्गीय सत्यानन्द स्टोक्स की कर्मभूूमि शिमला जिला के कोटगढ़ थानाधार व उसके आस-पास सत्यानन्द स्टोक्स ट्रेल बनाया जाएगा। बागवानी क्षेत्र में 9 हजार हैक्टेयर अतिरिक्त खेती युक्त भूमि में सिंचाई सुविधाए उपलब्ध करवाई जाएंगी। 91 करोड़ रुपए की लागत से पराला मंडी में फलों और सब्जियों के भंडारण के लिए नया कोल्ड स्टोर स्थापित होगा। प्रदेश के 13 मार्केट यार्डों को और सु²ढ़ किया जाएगा। प्रदेश में एक और फूल मंडी स्थापित होगी। प्रदेश में पाँच बड़ी कांऊ सेंचुरी एवं् गौ-सदनों की स्थापना होगी तथा प्रत्येक गौवंश के लिए अनुदान अब 700 रुपए होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बागवानी विकास परियोजना’ के अंतर्गत शिलारु एवं पालमपुर में दो उत्ष्टता केंद्र स्थापित किए जाएंगे। ये व्यवस्था अब गोपाल नाम से जानी जाएगी। दूध खरीद मूल्य 2 रुपए प्रति लीटर बढ़ाया जाएगा। पशुपालकों के लिए 44 मोबाइल वेटनरी एंबुलैंस चलाई जाएंगी और 2 हजार भेड़ ईकाइयाँ स्थापित की जाएंगी।


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