Saturday, August 1, 2026

मंडी मध्यस्थता योजना के तहत प्रत्यक्ष लाभ की संभावनाएं तलाशी जाएं : सुक्खू

इस वर्ष एमआईएस के तहत 132 सेब खरीद केंद्र खोले जाएंगे
हिमाचल आजकल
शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि मंडी मध्यस्थता योजना के तहत खरीद पर बागवानों को भुगतान के लिए प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण की संभावनाएं तलाशी जाएं। मौजूदा भुगतान प्रणाली के तहत बागवानों को मंडी मध्यस्थता योजना के तहत की गई खरीद पर नकद राशि के स्थान पर उन्हें विभाग द्वारा अन्य सामग्री प्रदान कर भुगतान किया जाता है। मुख्यमंत्री ने सोमवार देर शाम बागवानी विभाग की बैठक की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से राशि का समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि इस कदम से छोटे और सीमांत सेब उत्पादकों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। मुख्यमंत्री ने विभाग को निर्देश दिए कि मौजूदा सीजन में सेब उत्पादन का अनुमान तैयार किया जाए और बागवानों की सुविधा के लिए अग्रिम तैयारियां सुनिश्चित की जाएं।
इस वर्ष मंडी मध्यस्थता योजना के तहत सेब खरीद के लिए करीब 132 संग्रह केंद्र स्थापित किए जाने प्रस्तावित हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सेब की खरीद के लिए पर्याप्त संख्या में संग्रह केंद्र स्थापित किए जाएं और बागवानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
मुख्यमंत्री ने उत्पादों के बेहतर प्रबंधन पर बल देते हुए निर्देश दिए कि एचपीएमसी के एप्पल जूस कंसंट्रेट और अन्य उत्पादों का प्रभावी विपणन किया जाए ताकि संस्थान को सुदृढ़ किया जा सके। उन्होंने उत्पाद की शीघ्र बिक्री के लिए नीलामी केंद्रों की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पूरी खरीद प्रक्रिया को डिजिटल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सेब उत्पादकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और पिछले साढ़े तीन वर्षों में किसानों और बागवानों के कल्याण के लिए अनेक पहल की गई हैं।

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