Saturday, August 1, 2026

राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने किया स्वामी विवेकानंद मेडिटेशन पिरामिड का दौरा

योग और ध्यान को बताया मानवता के लिए अमूल्य उपहार

हिमाचल आजकल

शिमला। राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कहा कि मौजूदा तनावपूर्ण व भागदौड़ भरे जीवन में योग और ध्यान केवल स्वास्थ्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण नहीं है बल्कि जीवन को संतुलित, सकारात्मक और सार्थक बनाने का भी सशक्त माध्यम हैं।

राज्यपाल ने यह बात आज पंजाब के लुधियाना स्थित स्वामी विवेकानंद मेडिटेशन पिरामिड पहुंचने पर कही। उन्होंने कहा कि योग शरीर को स्वस्थ, ऊर्जावान और रोगमुक्त बनाने में सहायता करता है, जबकि ध्यान मन को शांत, एकाग्र और तनावमुक्त बनाता है। उन्होंने कहा कि भारत ऋषि-मुनियों, योगियों और आध्यात्मिक परंपराओं की पावन भूमि रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने योग और ध्यान की इस अमूल्य भारतीय विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए अथक प्रयास किए हैं। उनके नेतृत्व में संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस तथा 21 दिसंबर को विश्व ध्यान दिवस के रूप में मान्यता मिलना भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को विश्व मंच पर प्रतिष्ठित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

राज्यपाल ने कहा, ‘‘यह पहल भारत को पुनः विश्वगुरु के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है तथा आने वाले समय में भारत योग और ध्यान के क्षेत्र में पूरे विश्व का मार्गदर्शन करने की क्षमता रखता है।’’

स्वामी विवेकानंद ट्रस्ट द्वारा समाजहित में किए जा रहे विविध सेवा कार्यों की सराहना करते हुए श्री कविंद्र गुप्ता ने कहा कि ट्रस्ट द्वारा संचालित वृद्धाश्रम, स्वामी विवेकानंद मेडिटेशन पिरामिड, अस्पताल, फिजियोथेरपी सेंटर, स्वर्गाश्रम, निःशुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण संस्थान, हेयर एंड ब्यूटी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, कपड़ा बैंक, व्हीलचेयर बैंक, वॉकर बैंक, हॉस्पिटल बेड बैंक, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर बैंक तथा बुक बैंक जैसी सेवाएँ समाज के वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों के लिए अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक हैं। उन्होंने कहा कि सेवा और अध्यात्म का यह सुंदर समन्वय समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रभावी माध्यम बन सकता है।

राज्यपाल ने कहा कि स्वामी विवेकानंद मेडिटेशन पिरामिड ध्यान, आत्मिक जागरण और मानवीय चेतना के विस्तार का एक प्रेरणास्रोत बनेगा। इसके माध्यम से लोगों को ध्यान की सरल, वैज्ञानिक और व्यावहारिक विधियाँ सीखने का अवसर प्राप्त होगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि पिरामिड स्पिरिचुअल सोसाइटी मूवमेंट के सहयोग से प्रारंभ हुआ यह अभियान समाज में शांति, सद्भाव और आध्यात्मिक जागरूकता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इससे पूर्व, ट्रस्ट के प्रधान अनिल भारती ने राज्यपाल का स्वागत करते हुए कहा कि कविंद्र गुप्ता जैसे अनुभवी और संवेदनशील नेतृत्वकर्ताओं का मार्गदर्शन समाज में सकारात्मक परिवर्तन और जनसेवा की भावना को और अधिक सशक्त करेगा।

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