Saturday, August 1, 2026

बागवानी मंत्री ने चण्डीगढ़ से चेरी व प्लम की पहली निर्यात खेप को ओमान के लिए हरी झंडी दिखाकर किया रवाना


अंतरराष्ट्रीय बाजारों की ओर बढ़ा हिमाचल का एक और कदम

हिमाचल आजकल

शिमला। राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज चण्डीगढ़ से ओमान के लिए शिमला जिले के जड़ोल-टिक्कर एवं बागी क्षेत्र के 6 प्रगतिशील किसानों की 400 किलोग्राम चेरी और 400 किलोग्राम प्लम की पपहली निर्यात खेप को हरी झण्डी दिखाकर हवाई मार्ग से रवाना किया। यह प्रदेश के बागवानी क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण क्षण है।
इस अवसर पर बागवानी मंत्री ने कहा कि मध्य-पूर्व एवं खाड़ी के देश हिमाचल प्रदेश के फलों के लिए एक बड़े एवं संभावनाशील निर्यात बाजार के रूप में उभर रहे हैं। यह पहल प्रदेश के स्टोन फ्रूट्स के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों के नए द्वार खोलेगी और किसानों को उनकी उपज का बेहतर एवं लाभकारी मूल्य दिलवाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
जगत सिंह नेगी ने किसानों से आह्वान किया कि वे अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग के अनुरूप उच्च गुणवत्ता वाली किस्मों का उत्पादन करें, ताकि हिमाचल प्रदेश के फल वैश्विक बाजारों में अपनी विशिष्ट पहचान बना सकें। उन्होंने कहा कि यह केवल शुरुआत है तथा भविष्य में सेब सहित अन्य बागवानी उत्पादों के निर्यात की संभावनाओं का भी विस्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एचपीएमसी बागवानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्यात के नए अवसर विकसित करने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल प्रदेश के बागवानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश को वैश्विक फल निर्यात मानचित्र पर सशक्त पहचान दिलाने में महत्त्वपूर्ण सिद्ध होगी।
यह पहल एचपीएमसी द्वारा कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीईडीए), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से की गई है। इस निर्यात से संबंधित ग्रेडिंग, पैकिंग, गुणवत्ता परीक्षण एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का व्यय एचपीएमसी द्वारा एपीईडीए के सहयोग से वहन किया गया है, ताकि किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचने में आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके। हवाई परिवहन के माध्यम से फल अपनी ताजगी एवं उत्कृष्ट गुणवत्ता बनाए रखते हुए शीघ्र ही विदेशी बाजार तक पहुंचेंगे।
उल्लेखनीय है कि इस वर्ष 7 जून को ठियोग में एपीईडीए एवं एचपीएमसी द्वारा स्टोन फ्रूट उत्पादक किसानों के लिए एक संयुक्त कार्यशाला का आयोजन किया गया था। कार्यशाला में मध्य पूर्व एवं खाड़ी देशों के बाजारों में हिमाचल प्रदेश के स्टोन फ्रूट्स के निर्यात को बढ़ावा देने पर विस्तृत चर्चा हुई थी तथा प्रथम निर्यात खेप भेजने का निर्णय लिया गया था उसी निर्णय के अनुरूप आज यह पहली निर्यात खेप सफलतापूर्वक रवाना की गई।


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