Saturday, August 1, 2026

बड़ा भंगाल में मुख्यमंत्री बोले, राजनीति करने नहीं दुख-दर्द बांटने आया हूं


बड़ा भंगाल को प्राकृतिक पंचायत का मिलेगा दर्जा, अनुसूचित जनजातीय क्षेत्र का दर्जा दिलाने के होंगे प्रयास
हिमाचल आजकल

शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने जिला कांगड़ा के दुर्गम क्षेत्र बड़ा भंगाल का दौरा कर आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया तथा स्थानीय लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी और संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और प्रशासनिक अधिकारियों से राहत एवं पुनर्वास कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने बड़ा भंगाल तक सड़क निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए अधिकारियों को प्रत्येक किलोमीटर के लिए अलग-अलग निविदाएं आमंत्रित करने तथा कार्य को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क निर्माण के लिए आवश्यक मशीनरी को हवाई मार्ग से पहुंचाने की संभावनाओं पर भी चर्चा की। इस अवसर पर उन्होंने बड़ा भंगाल सड़क निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपये जारी करने की घोषणा की।
क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति के संबंध में मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने विद्युत बोर्ड को गांव में उपयुक्त क्षमता के डीजल जनरेटर स्थापित करने तथा सभी घरों में विद्युत कनेक्शन और वायरिंग के लिए सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए। सड़क सुविधा उपलब्ध होने तक वैकल्पिक बिजली व्यवस्था जारी रखने का आश्वासन देते हुए उन्होंने अप्पर बड़ा भंगाल और लोअर बड़ा भंगाल के लिए एक-एक डीजल जनरेटर सेट उपलब्ध करवाने की घोषणा की। इसके अतिरिक्त, बाढ़ से प्रभावित जलविद्युत परियोजना को पुनः संचालित करने तथा सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने बड़ा भंगाल के प्रसिद्ध राजमाह की अलग ब्रांडिंग कर उसे विशेष पहचान और बेहतर बाजार मूल्य दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्थानीय कृषि एवं बागवानी को प्रोत्साहित करते हुए लोगों से अखरोट एवं चेस्टनट के पौधे लगाने का आह्वान किया। स्थानीय मीट उत्पादों को भी बेहतर मूल्य उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया गया। उन्होंने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य योजनाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया।


मोबाइल नेटवर्क सुविधा के संबंध में ग्रामीणों द्वारा उठाई गई मांग पर मुख्यमंत्री ने निजी दूरसंचार कंपनियों से बातचीत कर शीघ्र मोबाइल सेवा आरंभ करवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने वन भूमि का उपयुक्त क्षेत्र चिन्हित कर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए तथा बड़ा भंगाल को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बड़ा भंगाल के विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रोत्साहन योजना लाने, छात्रावास निर्माण पर विचार करने तथा बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करने की बात कही। उन्होंने घोषणा की कि विद्यार्थियों को शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने और समाप्त होने के समय हेली-टैक्सी सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। साथ ही बच्चों को सीबीएसई स्कूलों में प्रवेश दिलाने की व्यवस्था करने का भी आश्वासन दिया।
स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं हेतु प्रशिक्षित करने की बात कही, ताकि दुर्गम क्षेत्र में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो सके।
इसके बाद जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे राजनीति करने नहीं, बल्कि बड़ा भंगाल के लोगों का दुख-दर्द बांटने आए हैं। उन्होंने कहा कि यदि राजनीति करनी होती तो वे अधिक जनसंख्या वाले क्षेत्रों में जाते, लेकिन उनकी सरकार का उद्देश्य प्रदेश के अंतिम छोर पर बसे लोगों तक विकास पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि शिमला में बैठकर योजनाएं बनाई जा सकती हैं, लेकिन धरातल पर लोगों की वास्तविक समस्याओं को समझने के लिए क्षेत्र का दौरा आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने बड़ा भंगाल को प्राकृतिक पंचायत घोषित करने, क्षेत्र को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिलाने के लिए प्रयास करने तथा राशन डिपो में खाद्यान्न कोटा बढ़ाने का आश्वासन दिया। उन्होंने बाढ़ से सुरक्षा के लिए प्रोटेक्शन वॉल निर्माण की संभावनाओं पर भी विचार करने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने दो स्थानीय महिला मंडलों को दो-दो लाख रुपये तथा एक युवक मंडल को एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने पात्र महिलाओं को इंदिरा गांधी सुख सम्मान निधि योजना के तहत 1500 रुपये प्रतिमाह पेंशन देने की घोषणा भी की।

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