Sunday, November 1, 2026

हिमाचल प्रदेश में हवाई सम्पर्क को सुदृढ़ करने के लिए त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित


संशोधित उड़ान योजना के तहत नई दिल्ली में हुआ एमओयू

हिमाचल आजकल

शिमला। हिमाचल प्रदेश में हवाई सम्पर्क एवं विमानन अवसंरचना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आज नई दिल्ली में हिमाचल प्रदेश सरकार, भारत सरकार के नागर विमानन मंत्रालय तथा भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के मध्य एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता ज्ञापन संशोधित क्षेत्रीय सम्पर्क योजना-उड़ान के तहत किया गया है।
पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग के सचिव संदीप कुमार ने बताया कि इस समझौता ज्ञापन पर केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू तथा केन्द्रीय नागर विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए।
उन्होंने कहा कि समझौता ज्ञापन के माध्यम से मौजूदा एवं नई उड़ान हवाई सेवाओं तथा पात्र विमानन अवसंरचना के विकास और संचालन के लिए सहयोग का एक व्यापक ढांचा तैयार किया गया है। यह समझौता 10 वर्षों की अवधि के लिए प्रभावी रहेगा। वर्तमान व्यवस्था के तहत राज्य सरकार द्वारा 20 प्रतिशत व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण (वीजीएफ) का योगदान किया जाएगा जबकि शेष 80 प्रतिशत केन्द्र सरकार वहन करेगी।
संदीप कुमार ने बताया कि हिमाचल प्रदेश की कठिन भौगोलिक एवं दुर्गम स्थलाकृति तथा पर्वतीय क्षेत्रों में हवाई सेवाओं के संचालन में आने वाली अधिक लागत को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने हाल ही में केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री से हिमाचल प्रदेश के लिए संशोधित 90ः10 के वीजीएफ योगदान अनुपात को लागू करने का आग्रह किया है। इसके तहत 90 प्रतिशत वित्तीय सहायता केन्द्र सरकार तथा 10 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी।
उन्होंने कहा कि बेहतर हवाई सम्पर्क से राज्य में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, पर्यटकों एवं व्यावसायिक यात्रियों की आवाजाही सुगम होगी तथा प्रदेश के दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंच में सुधार होगा।

facebooktwitterwebsiteyoutube

Get in Touch

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related Articles