हिमाचल आजकल
शिमला। दिल्ली में वोट चोरी की महारैली को लेकर मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने विभिन्न राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज उठाना, रैलियां निकालना और आंदोलन करना लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। राहुल गांधी की ओर से चुनावी प्रणाली और कथित चुनावी धांधलियों के खिलाफ उठाए जा रहे मुद्दों को लेकर उन्होंने कहा कि इन प्रयासों को जनता का भारी समर्थन मिल रहा है।
असम के मुख्यमंत्री और भाजपा की पदयात्रा के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा हिमाचल प्रदेश में पांच अलग-अलग गुटों में बंटी हुई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा के कई विधायक दोबारा जीत दर्ज करने की स्थिति में नहीं हैं। 2027 में सभी मुख्यमंत्रियों को शपथ ग्रहण समारोह का न्यौता दिया जाएगा, हिमाचल में कांग्रेस की सरकार बनना तय है उस कार्यक्रम में असम के मुख्यमंत्री को भी बुलाया जाएगा ।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर बात करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की ओर से रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (आरडीजी ) में करीब 8,000 से 10,000 करोड़ रुपए की कटौती किए जाने के बावजूद राज्य सरकार ने वित्तीय संतुलन बनाए रखा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह किसी परिवार की आमदनी कम होने पर घर का बजट संभालना पड़ता है, उसी तरह सरकार ने भी सीमित संसाधनों के बीच आर्थिक प्रबंधन किया है। इसके बावजूद कर्मचारियों को महंगाई भत्ते (डीए ) की किस्तें जारी की गई हैं।
सुक्खू ने कहा कि सरकार हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है और वित्तीय चुनौतियों के बीच प्रदेश के हितों को प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने प्रदेश की संपदा को लेकर भी स्पष्ट किया कि न तो पहले प्रदेश की संपदा को लूटने दिया गया है और न ही भविष्य में किसी को ऐसा करने दिया जाएगा। सरकार प्रदेश के संसाधनों और हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।


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