हिमाचल आजकल
शिमला। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने चंबा में हिमाचल दिवस के मौके पर हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में महिला यात्रियों को 50 फीसदी छूट प्रदान करने की घोषणा की है। इससे महिलाओं को करीब 60 करोड़ रुपए के लाभ प्राप्त होंगे। उन्होंने पहली जुलाई से सभी विद्युत उपभोक्ताओं को 125 यूनिट तक फ्री बिजली देने की भी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से प्रदेश के 11$ 5 लाख विद्युत उपभोक्ताओं को 250 करोड़ रुपए के लाभ प्रदान किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे सभी परिवारों से पानी का कोई बिल न लेने की भी घोषणा की है। इससे प्रदेश के ग्रामीण परिवारों को 30 करोड़ रुपए के वित्तीय लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को चंबा जिला के एेतिहासिक चंबा चौगान में आयोजित 75वें राज्य स्तरीय हिमाचल दिवस समारोह की अध्यक्षता की। उन्होंने तिरंगा फहराया और पुलिस, होमगार्ड, एनसीसी और एनएसएस की टुकडिय़ों से सलामी ली। परेड का नेतृत्व एसडीपीआे सलूणी भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के मयंक चौधरी ने किया।इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश का भी प्रसारण किया गया। संदेश में प्रधानमंत्री ने भौगोलिक और अन्य बाधाआें के बावजूद राज्य की विकास यात्रा की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन वर्षों में राज्य ने ऊर्जा, बागवानी, पर्यटन और सम्बद्घ क्षेत्रों में प्रगति की है।
प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि डबर्ल इंजन सरकारों के समन्वय से राज्य में सडक़ नेटवर्क सु²ढ़ हुआ है तथा प्रदेश पर्यटन और अन्य संबद्घ क्षेत्रों में विकास के नए अवसर सृजित कर रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के नेतृत्व में राज्य में सभी केंद्रीय योजनाआें का प्रभावी कार्यान्वयन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जय राम ठाकुर के ईमानदार नेतृत्व और परिश्रमी प्रदेशवासियों के प्रयासों से हिमाचल प्रदेश देश के सबसे विकसित राज्य के रूप में उभरेगा।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राज्य के लोगों का अभिनंदन करते हुए स्वतंत्रता सेनानियों, हिमाचल निर्माता और प्रथम मुख्यमंत्री डा. यशवंत सिंह परमार को भी श्रद्घांजलि दी। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेश के सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों के योगदान की सराहना की और जिन्होंने हिमाचल को प्रगति पथ पर आगे बढ़ाया। उन्होंने इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भी याद किया, जिन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान राज्य को औद्योगिक पैकेज प्रदान किया था। उन्होंने कहा कि अटल टनल रोहतांग भी अटल बिहारी वाजपेयी का सपना था, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साकार किया। उन्होंने कहा कि 3500 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित इस सुरंग से लाहौल घाटी को हर मौसम में सडक़ सम्पर्क प्रदान करने का कार्य किया है।
मुख्यमंत्री ने इस एेतिहासिक दिन पर राज्य के लोगों को प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए संदेश के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह पहला अवसर है जब किसी प्रधानमंत्री ने हिमाचल दिवस के अवसर पर प्रदेश के लोगों को बधाई दी है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर होली-उतराला सडक़ के कार्य में तेजी लाने के लिए पांच करोड़ रुपये और चंबा मुख्यालय में लोगों की सुविधा के लिए मिनी सचिवालय खोलने की घोषणा की। उन्होंने चम्बा शहर के सौंदर्यीकरण तथा शहर में यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए आवश्यक कदम उठाने की भी घोषणा की।
जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य को भी कोरोना महामारी के कारण कठिन समय का सामना करना पड़ा है, लेकिन लोगों के सहयोग से प्रदेश न केवल इस स्थिति को नियंत्रित करने में सक्षम रहा बल्कि विकास की गति को भी निर्बाध रखा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को विकास के मामले में केंद्र सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का हिमाचल प्रदेश के प्रति विशेष लगाव के कारण उनके कार्यकाल में राज्य को हजारों करोड़ रुपये की की परियोजनाएं की सौगात मिली हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और प्रदेश का तीव्र और संतुलित विकास सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपनी पहली मंत्रिमंडल बैठक में बिना किसी आय सीमा के वृद्घावस्था पेंशन प्रदान करने के लिए आयु सीमा को 80 वर्ष से घटाकर 70 वर्ष कर दिया, जिसे अब और घटाकर 60 वर्ष कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन पर 436 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे थे, जबकि वर्तमान में इस पर 1300 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं।

जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने लोगों की शिकायतों का उनके घर-द्वार पर समाधान करने के उद्देश्य से जनमंच आयोजित करने की अनूठी पहल की है। अब तक 244 स्थानों पर आयोजित 25 जनमंच में प्राप्त 54,565 शिकायतों में से 90 प्रतिशत से अधिक का समाधान किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन-1100 की शुरुआत की गई है, जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति घर बैठे ही अपनी शिकायत दर्ज करवाकर निर्धारित समयावधि के भीतर अपनी समस्याआें का समाधान पा सकता है। उन्होंने कहा कि इस हेल्पलाइन पर अब तक करीब 3$55 लाख शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 3$41 लाख का निपटारा किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना महिलाआें के लिए वरदान साबित हुई है और उन्हें मुफ्त गैस कनेक्शन देकर पारंपरिक चूल्हों और ईधन लकड़ी इक_ा करने से काफी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के उन पात्र परिवारों के लिए मुख्यमंत्री गृहिणी सुविधा योजना शुरू की जो उज्ज्वला योजना के तहत कवर नहीं हो पाए। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 3$25 लाख परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन सहित तीन सिलेंडर प्रदान किए जा रहे हैं, साथ ही 1$37 लाख परिवारों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत भी मुफ्त गैस कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अब राज्य सरकार ने इस वित्तीय वर्ष से इन दोनों योजनाआें के तहत लाभार्थियों को एक और अतिरिक्त मुफ्त सिलेंडर देने का निर्णय किया है और प्रदेश धुआंमुक्त राज्य घोषित होने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।
जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने जनवरी, 2019 से हिमकेयर योजना आरम्भ की है, जिसके तहत लाभार्थी परिवार के पांच सदस्यों को प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक की नि:शुल्क उपचार की सुविधा प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि अब तक 5$40 लाख परिवारों को हिमकेयर योजना के तहत पंजीत किया गया है और 218 करोड़ रुपये व्यय कर 2$40 लाख मरीजों को कैशलेस ईलाज उपलब्ध करवाया गया है। उन्होंने कहा कि गंभीर बीमारियों से पीडि़त आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री सहारा योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत पात्र व्यक्तियों को 3,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रतिमाह प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत लगभग 18 हजार लाभार्थियों को 60$50 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री शगुन योजना के तहत 31 हजार रुपये की वित्तीय सहायता गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों की बेटियों की शादी के लिए प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत स्टार्टअप के लिए एक करोड़ रुपये तक की मशीनरी, उपकरण और औद्योगिक संयंत्र में निवेश करने पर युवाआें को 25 प्रतिशत उपदान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस योजना के अन्तर्गत उपदान को अब महिलाआें के लिए 30 से बढ़ाकर 35 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और दिव्यांगजनों के लिए 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत उपदान कर दिया गया है। अब तक, लगभग 624 करोड़ रुपये के निवेश के साथ 3758 इकाइयां स्थापित की जा चुकी हैं जिससे 10 हजार से अधिक युवाआें को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं।


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