हिमाचल आजकल
शिमला। केंद्रीय विद्युत व भारी उद्योग राज्य मंत्री कष्ण पाल गूर्जर ने वीरवार को शिमला में एसजेवीएन कारपोरेट मुख्यालय, शक्ति सदन का दौरा किया। उन्होंने एसजेवीएन प्रबंधन और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। एसजेवीएन अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नंद लाल शर्मा ने मंत्री का स्वागत किया। इस दौरान उन्हें एसजेवीएन की निर्माणाधीन परियोजनाओं के निर्माण और विकास गतिविधियों से अवगत कराया। नंद लाल शर्मा ने भारत और विदेशों में एसजेवीएन की विभिन्न परियोजनाओं संबंधी विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री की वर्ष 2030 तक नवीकरणीय स्रोतों से 500 गीगावाट विद्युत उत्पारदन करने की प्रतिबद्घता के अनुरूप, एसजेवीएन ने अपने बिजनेस मडल को वर्ष 2023 तक 5000 मेगावाट, 2030 तक 25000 मेगावाट और वर्ष 2040 तक 50000 मेगावाट के साझा विजन के साथ पुनर्संशोधित किया है। नंद लाल शर्मा ने अवगत कराया कि एसजेवीएन ने अद्वितीय वृद्घि और विविधीकरण की अपनी यात्रा, एकल परियोजना से प्रारंभ करके वर्तमान में भारत और विदेशों में लगभग 31000 मेगावाट का पोर्टफोलियो बनाया है। इस अवसर पर गीता कपूर, निदेशक (कार्मिक), सुशील कुमार शर्मा, निदेशक (विद्युत) और एसजेवीएन के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
केंद्रीय मंत्री कृष्ण पाल गूर्जर ने बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने प्रचालन और रखरखाव के चरण में विद्युत स्टेशनों की स्थिति के साथ-साथ निर्माण के विभिन्न चरणों में विद्युत परियोजनाओं में चल रही गतिविधियों की समीक्षा की। गूर्जर ने आगे कहा कि मोदी सरकार ने हमेशा विद्युत उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण जैसे ऊर्जा क्षेत्र के विकास पर जोर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप पूरे देश में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में समर्पित, विश्वसनीय और सस्ती विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हुई है।


| All Rights Reserved | Website By :