Monday, August 3, 2026

एसजेवीएन ने बिहार में 200 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना के लिए पीपीए हस्ताक्षरित किया

हिमाचल आजकल

शिमला। एसजेवीएन के अध्याक्ष एवं प्रबंध निदेशक नंद लाल शर्मा ने बताया कि एसजेवीएन ने बिहार में 200 मेगावाट ग्रिड कनेक्टेड सौर ऊर्जा परियोजना के लिए एक दीर्घकालिक विद्युत खरीद समझौते (पीपीए) पर हस्ताक्षर किए हैं। विद्युत खरीद समझौते पर एसजेवीएन और बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (बीएसपीएचसीएल) के साथ-साथ इसके दो डिस्कम्स नर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एनबीपीडीसीएल) एवं साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एसबीपीडीसीएल) के साथ हस्ताक्षर किए गए हैं।

पीपीए पर हस्ताक्षर बिहार के विद्युत मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, प्रमुख सचिव ऊर्जा, बिहार सरकार एवं सीएमडी, बीएसपीएचसीएल,  संजीव हंस, एसजेवीएन के निदेशक (वित्त), ए$के सिंह एवं निदेशक (विद्युत),  सुशील कुमार शर्मा की उपस्थिति में किए गए।

 नंद लाल शर्मा ने बताया कि  एसजेवीएन ने बिहार नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (बीआरईडीए) द्वारा आयोजित खुली प्रतिस्परर्धी टैरिफ बोली के माध्यम से 3.11 रुपए प्रति यूनिट के टैरिफ पर यह परियोजना हासिल की है। कुल 200 मेगावाट में से एसजेवीएन ने जमुई जिले के काकनचोर में 125 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना और जिला बांका के कटोरिया में 75 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना विकसित करने की योजना बनाई है। इन परियोजनाआें से उत्पाबदित विद्युत की निकासी क्रमश: न्यू जमुई और न्यू बांका सबस्टेशनों के माध्यम से की जाएगी। उन्होंने  आगे कहा कि इस परियोजना के निर्माण और विकास की संभावित लागत 1000 करोड़ रुपए है। इस परियोजना से पहले वर्ष में लगभग 421 मि.यू और 25 वर्षों की अवधि में 10512 मि.यू विद्युत उत्पाथदन की संभावना है। इस परियोजना को नवंबर, 2023 तक कमीशन किया जाना निर्धारित है।

इस अवसर पर संबोधित करते हुए बिहार सरकार के विद्युत मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बिहार में ऊर्जा विकास में एसजेवीएन के प्रयासों की सराहना की, जहां एसजेवीएन पहले से ही सौर और थर्मल पावर परियोजनाआें और ट्रांसमिशन लाइन पर काम कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार सरकार एसजेवीएन को 1000 मेगावाट की कैमूर पंप स्टोरेज परियोजना के आबंटन पर विचार कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि एसजेवीएन को बिहार राज्य में फ्लोटिंग सौर ऊर्जा परियोजना स्थापित करने की संभावनाआें को तलाशना चाहिए। उन्हों ने इस संदर्भ में बिहार सरकार के सहयोग का भी आश्वारसन दिया।

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