Sunday, August 2, 2026

हिमाचल के सेब उद्योग को बचाए केंद्र सरकार : रोहित ठाकुर

कहा, हिमाचल के सेब को विशेष उत्पाद श्रेणी में शामिल किया जाए

हिमाचल आजकल

शिमला। हिमाचल प्रदेश को फल राज्य के रूप में जाना जाता हैं।  हिमाचल में  सेब एक विशेष स्थान रखता हैं और केंद्र सरकार को सेब को विशेष उत्पाद का दर्जा देना चाहिए। यह बात जुब्बल नावर कोटखाई के विधायक रोहित ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शिमला दौरे से पहले कही है। उनका कहना है कि सेब को विशेष उत्पाद की श्रेणी में लाने से बागवानों की आर्थिकी को मजबूती मिलेगा।हिमाचल  में बागवानी क्षेत्र में सेब 5000 करोड़ रुपए की आर्थिकी पैदा करता हैं लेकिन वर्तमान में सेब उद्योग कठिन दौर से गुजर रहा हैं। रोहित ठाकुर ने कहा कि बागवानी क्षेत्र में उपयोग होने वाली आवश्यक कीटनाशक व फफूंदनाशक दवाइयों में अनुदान खत्म करने के निर्णय से  विशेषकर लघु व सीमांत बागवानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसी प्रकार केंद्र सरकार द्वारा कीटनाशक व फफूंदनाशक दवाइयों पर जीएसटी की दर बढाएं जाने से दवाइयों के दाम दोगुने हो गए हैं। उन्होंने कहा कि सेब में उपयोग होने वाली खाद  एनपीके  12:32:16 और  15:15:15  प्रति बैग खाद में केंद्र सरकार ने 21 से 32 फीसदी की वृद्घि कर दी जबकि पोटाश के दाम तो दोगुने हो चुके हैं। 

पीएम ने सेब को विशेष उत्पाद श्रेणी का दर्जा दिलाने किया था वादा

 कांग्रेस विधायक ने कहा कि  2014 व 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने सेब को विशेष उत्पाद श्रेणी का दर्जा दिलाने व सेब पर आयात शुल्क तीन गुना बढ़ाने की बात की थी जिस पर केंद्र सरकार ने अब चुप्पी साध ली हैं। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार शीतल पेय पदार्थों में कंपनियों को 5 फीसदी सेब जूस मिलाने के लिए बाध्य करने की बात कही थी जिस बारें अभी तक कोई पहल सामने नहीं आई। केंद्र सरकार के ढुलमूल रवैये के चलते ईरान, तुर्की से अवैध रूप से रिकर्ड तोड़ सेब आयात हो रहा हैं जिससे बागवानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा हैं।

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