प्रदेश के डीजीपी संजय कुंडू भी इस मामले पर गंभीर नहीं
हिमाचल आजकल
शिमला। हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष निगम भंडारी ने कहा कि पुलिस भर्ती पेपर लीक मामला प्रदेश का सबसे बड़ा घोटाला है। इस में डेढ़ लाख से अधिक युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया गया है। लेकिन प्रदेश सरकार व प्रदेश पुलिस प्रशासन इस विषय को लेकर गंभीर नहीं है। यह बात वीरवार को निगम भंडारी ने शिमला में पत्रकारों से कही।
उनका कहना है कि प्रदेश के डीजीपी संजय कुंडू भी इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे है। एसआईटी ने केवल परीक्षा देने वालों को को ही गिरफ्तार किया है। अभी तक 171 आरोपी गिरफ्तार हुए हैं। जिस मे 116 उम्मीदवार हैं। अब डीजीपी संजय कुंडू और प्रदेश भाजपा सरकार बताएं कि आखिर ये पेपर बेचने वाले लोग कौन थे। खरीदने वाले तो तभी मौजूद थे जब बेचने वाले मौजूद थे।
निगम भंडारी ने कहा कि जिस तरह से इस मामले की जांच अब तक हुई हैं, उससे प्रदेश भाजपा सरकार व पुलिस विभाग पर संदेह होने लगा है। एेसा लगता है कि सरकार अपना पला झाड़ रही हैं। इस मामले में कई प्रभावशाली लोगों, भाजपा नेताओं व सरकारी कर्मचारियों की भागीदारी दिखती हैं। उन्होंने कहा कि बताया कि संजय कुंडू के मुताबिक इस पूरे मामले में 10 राज्यों की भागीदारी रही हैं। बहुत दुख की बात है कि पुलिस भर्ती परीक्षा करवाने की जिम्मेदारी प्रदेश की थी तो 10 बाहरी राज्यों की भागीदारी इस में केसे बनती है। प्रदेश के डीजीपी संजय कुंडू का नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए।
निगम भंडारी ने कहा कि डीजीपी संजय कुंडू का हिमाचल प्रदेश का दूसरे राज्यों से तुलना करना दुखद है। बाहरी राज्यों मे ऐसा होता होगा लेकिन हिमाचल में ऐसी परिस्थितियां पहली बार भाजपा सरकार मे देखने को मिल रही है। पहले एेसा कभी नहीं हुआ और ना हम होने देगे। उनका कहना है कि मामले की गम्भीरता को देखते हुए सरकार इस मामले में स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच करें ताकि दोषियों को सजा हो और सच लोगो के सामने आ पाएं।


| All Rights Reserved | Website By :