चुनाव के लिए सचिन पायलट व प्रताप सिंह बाजवा होंगे पर्यवेक्षक
हिमाचल आजकल
शिमला। हिमाचल विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस आलाकमान ने वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी है। कांग्रेस आलाकमान ने विधानसभा चुनाव को गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है। इस कड़ी में प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए छतीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। जबकि अपने साथ राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट और पंजाब के वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह बाजवा को बतौर पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।

हिमाचल में इस साल नवंबर महीने में विधानसभा के चुनाव होने जा रहे है। इसको देखते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपने दो मुख्यमंत्री को विधानसभा चुनाव की अहम जिम्मेदारी सौँपी है। छतीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को हिमाचल विधानसभा चुनाव और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को गुजरात विधानसभा चुनाव का जिम्मा सौंपा है। लिहाजा इस नियुक्त के बाद कांग्रेस आलाकमान ने विधानसभा चुनाव पर फोकस करना शुरू कर दिया है। कांग्रेस के लिए यह दोनों राज्य कई मायनों में काफी अहम है। हिमाचल व गुजरात में भाजपा की सरकारें है। ऐसे में भाजपा से सत्ता हथियाने के लिए कांग्रेस आलाकमान ने अपनी वरिष्ठ नेताओं फौज मैदान में उतार दी है।

अहम बात यह है कि हिमाचल कांग्रेस इस बार बगैर वीरभद्र सिंह के विधानसभा चुनाव लड़ रही है। ऐसे में भूपेश बघेल, सचिव पायलट व प्रताप सिंह बाजवा के लिए प्रदेश कांग्रेस नेताओं बीच समन्वय स्थापित करना बड़ी चुनौती होगा। यहीं नहीं इन पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट टिकट का आवंटन में काफी अहम रहगी। प्रदेश कांग्रेस के अंदर गुटबाजी को लगाम लगाने की जिम्मेदारी भी इन पर्यवेक्षकों की होगी। बताया जा रहा है के जल्द ही वरिष्ठ पर्यवेक्षक भूपेश बघेल अपने पर्यवेक्षकों के साथ हिमाचल का दौरा करेंंगे। इस दौरान वे प्रदेश कांग्रेस के विधायकों, पूर्व विधायकों के अलावा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से विधानसभा चुनाव को लेकर मंथन करेंगे।


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