बागवानों के विरोध के बीच एचपीएमसी ने शुरू की कार्टन की खरीद
हिमाचल आजकल
शिमला। सेब की पैकिंग के लिए कार्टन के दामों को लेकर हो रहे विरोध के बीच सरकार भी हरकत में आ गई है। सरकारी उपक्रम एचपीएमसी ने बागवानों को कार्टन उपलब्ध करवाना शुरू कर दिया है। एचपीएमसी ने इस सेब सीजन के दौरान करीब 50 लाख कार्टन बेचने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश के बागवान कार्टन के बढ़ते दामों को लेकर उग्र है।
बागवानों के भारी विरेाध के बाद सरकार ने बागवानों को सस्ते दामों पर सेब की पैकिंग के लिए कार्टन उपलब्ध करवाना शुरू कर दिया है। सरकार ने एचपीएमसी व हिमफैड के मध्यम से कार्टन पर जीएसटी में 6 फीसदी की छूट दी है। ऐसे में खुले बाजारके मुकाबले एचपीएमसी के पास कम दामों पर कार्टन मिलेगा। एचपीएमसी इस बार बागवानों को 66 रूपए से लेकर 73 रूपए तक बागवनों को कार्टन उपलब्ध करेगा। जबकि खुले बाजार में कार्टन के दाम 3 से 5 रूपए तक अधिक है। एचपीएमसी ने कार्टन बनाने वाली तीन कंपनियों को कार्टन सप्लाई के आर्डर दे दिए है। ये तीन कंपनियां गाजियाबाद, बद्दी और यमुनानगर की है। इसके अलावा डिमांड ज्यादा आने के बाद एचपीएमसी कुछ अन्य कंपनियों से भी कार्टन की खरीद करेगा। एचपीएमसी ने इस बार बागवानों को करीब 50 लाख कार्टन उपलब्ध करवारने का लक्ष्य रखा है। जबकि पिछले साल एचपीएमसी ने केवल दो लाख कार्टन ही बागवानों को उपलब्ध करवाए थे। सूबे में इस बार सेब 3.50 करोड़ से अधिक सेब की पेटियां के उत्पाद का अनुमान लगाया गया है। केंद्र सरकार ने कार्टन पर 18 फीसदी जीएसटी लगाया है। ऐसे में कार्टन के दाम में 10 से 15 रूपए की बढ़ोतरी हुई है। लेकिन अब सरकार ने एचपीएमसी व हिमफैड के मध्यम से सेब की पैकिंग के कार्टन खरीदने पर जीएसटी में 6 फीसदी देने का फैसला लिया है। बहरहाल बागवानों ने सेब की पैकिंग सामग्री मंहगी होने पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है।


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