जीएसटी के पैसे वसूलन के लिए सरकार ने बनाए कड़े नियम
हिमाचल आजकल
शिमला। जुब्बल नावर कोटखाई के विधायक रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के किसानों की आय दोगुना करने की बात कही थी लेकिन आय दोगुना तो नहीं हुई पर किसानों की लागत बढ़ गई है। किसाना अब सडक़ों पर आकर आंदोलन करने लगे है। हिमाचल के बागवानों को मंहगे दामों पर सेब की पैकिंग सामग्री मिल रही है। सेब की पैकिंग सामग्री में 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है। वहींं ट्रे के बंडल में 200 रूपए की अप्रत्याशित वृद्वि हुई है। रोहित ठाकुर मंगलवार को शिमला में पत्रकारों से बात कर रहे थे।
उनका कहना हैॅ कि सरकार को जगाने के लिए जून महीने में राज्यपाल के मध्यम से ज्ञापन सौंपा गया था। लेकिन सरकार ने इस मुद्दे को नजर अंदाज किया है। यही कारण अब बागवानों को अपने हितों के लिए सडक़ पर उतरना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने जीएसटी को लेकर जो फैसला लिया है वह बागवान विरेाधी है। जीएसटी के पैसा वसूलने के लिए बागवानों को कई तरह की औपचारिकाएं पूरी करनी होगी। रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में सेब सीजन रफ्तार पकडऩे लगा है। 15 अगस्त के बाद ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेब सीजन शुरू हो जाएगा। इसमें बागवानों के कई दिक्कते पेश आएगी। सरकार एचपीएमसी व हिमफैड के मध्यम से बागवानों को कार्टन उपलब्ध करने की बात कर रही है। जबकि हकीकत यह है कि पिछले साल दोनों सरकारी उपक्रमों ने करीब 2 लाख कार्टन ही बागवानों को उपलब्ध करवाया था।
कांग्रेस विधायक ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने फंफूदनाशक व किटनाशक दवाइयां पर उपदान की योजना शुरू की थी। लेकिन भाजपा सरकार ने इस योजना को बंद कर दिया था। बागवानों को खुले बाजारों से मंहगे दामों पर दवाइयों की खरीदनी करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि खादों के दामों में एक साल में 42 फीसदी तक बढ़े है। केंद्र सरकार से सीआरएफ के तहत 941 करोड़ रूपए मिली। लेकिन जिला शिमला को इस में से फूटी कौड़ी भी नहीं मिली है। इसके अलावा हिमाचल में बागवानी प्रोजेक्ट कछुआ चाल में चल रहा है। 1134 करोड़ के बागवानी प्रोजेक्ट में से अब तक 555 करोड़ की राशि की खर्च हो पाई है।
किसानों के आंदोलन में शामिल होंगे किसान बागवान
रोहित ठाकुर ने कहा कि 5 अगस्त को किसानों के आंदोलन में जुब्बल कोटखाई के किसान बागवान शामिल होंगे। कांग्रेस ने हमेशा कृषि व बागवानी को बढ़ावा देना का प्रयास किया है। शिमला में बागवानों की समस्याओं को लेकर होने जा रहे आंदोलन में दलगत की राजनीति से ऊपर उठकर इसमें पूरा सहयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सेब सीजन शुरू हो चुका है लेकिन सरकार अीाी तक मंडी मध्यस्थता योजना के तहत नाम मात्र के ही सेग खरीद केंद्र खोल पाई है।


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