केंद्र सरकार ने देश की जनता पर महंगाई व बेरोजगारी का बम फेंका : अल्का लांबा
हिमाचल आजकल
शिमला । हिमाचल कांग्रेस सभी विधानसभा क्षेत्रों में 17 से 23 अगस्त तक महंगाई को लेकर चौपाल का आयोजन करेगी। केंद्र की मोदी सरकार ने देश की जनता पर महंगाई और बेरोजगारी का बम फेंका है। देश व प्रदेश की जनता को महंगाई व बेरोजगारी से राहत दिलाने के लिए कांग्रेस पूरे देश में सडक़ों पर उतरेगी। कांग्रेस बुधवार से 23 अगस्त तक सभी विधानसभा क्षेत्रों में प्रदर्शन और 28 अगस्त को हल्ला बोल का नारा देते हुए दिल्ली के राम लीला मैदान में लड़ाई लड़ी जाएगी। दिल्ली में देशभर के कांग्रेस, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई कार्यकर्ता केंद्र की तानाशाह सरकार को महंगाई और बेरोजगारी के बम से राहत दिलाने का काम करेंगे। यह बात कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता अल्का लांबा ने बुधवार को शिमला में पत्रकारों से कही। चौपाल के आयोजन के मौके पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, कांग्रेस प्रचार समिति के अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू और नेता प्रतिपक्ष मुकेश अगिनहोत्री के पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे।
उनका कहना था कि देश की जनता उम्मीद लगाए बैठी थी कि स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले से देश की जनता को महंगाई और बेरोजगार से राहत का एेलान करेंगे लेकिन उन्होंने इसका प्रधानमंत्री ने जिक्र करना उचित नहीं समझा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने डिपुआें में राशन उन्हीं लोगों देने के फरमान जारी किए जो 20 रुपए का झंडा खरीदेंगे। मोदी सरकार ने एेसा कर देश को शर्मसार किया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने झंडे बनाने का काम भी अपने पूंजीपति मित्र रिलायंस को सौंप दिया।
4$13 करोड़ लागों ने एक बार भी एलपीजी रिफिल नहीं कराया
कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि जिस उज्जवला योजना को केंद्र सरकार बड़ा मुद्दा बनाती रही है। उसकी सच्चाई सामने आ गई है। मोदी सरकार ने खुद लोकसभा में लिखित जवाब दिया कि पांच सालों में 4$13 करोड़ लोगों ने एक बार भी एपलीजी को रिफिल नहीं करवाया। जबकि 7. 67 करोड़ लोगों ने मात्र एक बार एलपीजी को रिफिल करवाया।
22 करोड़ ने मांगी नौकरी, दी 7 लाख को
अल्का लांबा ने कहा कि मोदी सरकार ने लोकसभा में बेरोजगारी के आंकड़े दिए हैं। इनके मुताबिक बीते आठ सालों में 22 करोड़ युवाआें ने सिर्फ केंद्रीय विभागों में नौकरी के लिए आवेदन किया। रोजगार मात्र 7 लाख को ही मिल पाया। 2014 में प्रधानमंत्री बनने से पहले नरेंद्र मोदी ने हर साल दो करोड़ को नौकरी देने का वादा किया था। ऐसे में 16 करोड़ को रोजगार मिलना था, लेकिन मोदी सरकार 7 लाख को ही रोजगार दे पाई है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की मंशा होती है तो केवल सरकारी विभागों में खाली पड़े एक करोड़ पद भरकर बेरोजगारों को राहत दी सकती थी।


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