हिमाचल आजकल
शिमला। डा.यशवन्त सिहं परमार औद्योनिकी व वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र मशोबरा व बागवानी विभाग द्वारा शिमला जिला के चार विकास खण्डों रामपूर (दरकाली), ननखड़ी (नागधार), ठियोग (चियोग) और चौपाल में हिमाचल प्रदेश बागवानी विकास परियोजना के तहत एक दिवसीय जागरूकता प्रशिक्षण शिवरों का आयोजन को किया गया। इन शिवरों में संबन्धित क्षेत्रों के किसानों व बागवानों ने भाग लिया । इन प्रशिक्षण शिवरों में मशोबरा केन्द्र के वैज्ञानिक डा. ऊषा शर्मा व डा. उपेन्द्र के अलावा बागवानी विकास अधिकारीयों डा. नवनीत मैहता, डा. रविन्द्र मैहता, डा. राजु वर्मा व डा श्याम शर्मा ने बागवानों को सेब में लगने वाले रोगों व समाधान के उपाय, मिट्टी परीक्षण का महत्व के बारे में जानकारी दी।

इसके अलावा वैज्ञानिकों ने सेब मे खादों का सही व संतुलित मात्रा मे उपयोग और बागवानी विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में भी बताया। प्रशिक्षण शिवरों के अंत में वैज्ञानिकों द्वारा किसानों की समस्याओं पर चर्चा की गई और समस्याओं के समाधान भी बतायें गए । इन प्रशिक्षण शिवरों का मुख्य उदेश्य शिमला जिला के बागवानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के लिए प्ररित करना था जिससे किसानों कि आय में वृद्धि हो सके ।


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