प्रधानमंत्री ने अनूचित तरीके से की अडानी की मदद
हिमाचल आजकल
शिमला। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने अडानी के आगे पूरी तरह से सरेंडर कर दिया हैं। देश के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब किसी प्रधानमंत्री पर किसी एक व्यक्ति को देश की संपदा बेचने व नियमों के विपरीत किसी को अनुचित लाभ देने के लिए संसद में गंभीर आरोप लगे हो। लेकिन प्रधानमंत्री इन आरोपों का उत्तर देना तो दूर उनका खंडन तक नहीं किया है। लोकतंत्र में संसद के अंदर विपक्ष के सवालों का जवाब देना सरकार का उत्तरदायित्व होता है,जिसे प्रधानमंत्री ने पूरा नही किया।
वे शुक्रवार को कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उनका कहना था कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने संसद में अडानी को लेकर जो प्रश्न पूछे थे उन्हें संसद की कार्यवाही से हटा दिया गया। उन्होंने कहा कि हिडन वर्ग की रिपोर्ट के बाद जिस प्रकार देश की अर्थव्यवस्था पर प्रहार हुआ है वह बहुत ही चिंता की बात हैं। एक व्यक्ति जो 2014 में अमीरी के 609 पायदान पर था वह सात साल में कैसे अमीरी के नंबर दो पर आ गया है। अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा कि अडानी व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिलीभगत से यह सब संभव हो पाया है,क्योंकि केंद्र सरकार आम लोगों को नही केवल एक विशेष व्यक्ति अडानी की होकर रह गई हैं। प्रधानमंत्री ने लोकसभा चुनावों से पहले नियमों में बदलाव कर एक साथ 6 एयरपोर्ट अडानी को दे दिए,इसके अतिरिक्त अनेक बंदरगाह व अनके कंपनियों को भी उन्हें बेच दिया गया। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि कहा कि कांग्रेस देशभर में मीडिया के द्वारा विदेशों से अडानी को हुई फंडिंग व देश की कंपनियों की खरीद में उनकी फंडिंग की जांच जेपीसी से करवाने की मांग और देश मे हो रहे इस भ्रष्टाचार के खिलाफ लोगों की आवाज बुलंद करेगी। उन्होंने कहा कि देश मे अगले साल होने वाले आम चुनावों में यह एक बहुत बड़ा मुद्दा होगा।
केंद्र सरकार ने अडानी के सामने सरेंडर कर दिया : अखिलेश प्रताप सिंह
Get in Touch


| All Rights Reserved | Website By :