Sunday, April 12, 2026

पूर्व भाजपा सरकारों के वित्तीय कुप्रबंधन ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को कमजोर किया : रोहित ठाकुर

भाजपा नेताआें में सत्ता खोने की छटपटाहट व बौखलाहट :अनिरुद्ध सिंह
हिमाचल आजकल
शिमला। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर व ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर के कर्ज से संबंधित बयान की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पूर्व भाजपा सरकारों की गलत नीतियों और वित्तीय कुप्रबंधन के कारण प्रदेश की आर्थिक स्थिति निरंतर कमजोर होती चली गई। पूर्व भाजपा सरकारों ने अपने राजनीतिक मंसूबों और निहित स्वार्थों को साधने के लिए प्रदेश की जनता के साथ धोखा किया। पूर्व भाजपा सरकारों द्वारा प्रदेश की वित्तीय प्रबंधन की अनदेखी और फिजूलखर्ची का सीधा असर प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर पड़ा।


कैबिनेट मंत्रियों ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित कर प्रदेश की आर्थिक व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है जबकि पूर्व मुख्यमंत्री जय राम सरकार ने कर्ज लेने के सारे रिकर्ड तोड़ दिए। शिक्षा मंत्री व ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार की देनदारियों को चुकाने के लिए कांग्रेस सरकार को कर्ज लेना पड़ रहा है। अगर पूर्व भाजपा सरकारों ने आर्थिक संसाधन बढ़ाने के लिए उचित कदम उठाए होते तो आज यह स्थिति नहीं होती। पूर्व भाजपा सरकार सत्ता सुख भोगने में ही व्यस्त रही। उन्होंने कहा कि अनुराग सिंह ठाकुर को यह भी अवगत होना चाहिए कि पूर्व जय राम सरकार ने बिना बजट प्रावधान के अनेक घोषणाएं कीं। बेहतर होता कि वह घोषणाएं पूरी करने के लिए बजट का उचित प्रावधान भी करते।
उन्होंने कहा कि भाजपा की यह कैसी डबल इंजन की सरकार थी, जिसमें हिमाचल प्रदेश लगातार कर्ज के बोझ तले दबता गया और केंद्र सरकार आंखें मूंदे बैठी रही। क्या डबल इंजन से विकास का जुमला मात्र सुर्खियां बटोरने के लिए साधा गया था। कर्ज का राग अलापने वाली भाजपा ने गत पांच वर्षों तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था की सुध क्यों नहीं ली। जबकि सच्चाई यह है कि पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर पूरे पांच साल के कार्यकाल के दौरान अपनी कुर्सी बचाने में लगे रहे।
रोहित ठाकुर व अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि कमजोर आर्थिक स्थिति के दौर से गुजर रहे हिमाचल प्रदेश पर पूर्व भाजपा सरकार 75 हजार करोड़ रुपये का कर्ज छोडक़र गई है। वर्तमान कांग्रेस सरकार को यह कर्ज विरासत में मिला है। कर्मचारियों के एरियर के चार हजार 430 करोड़ रुपये, पेंशनर्स के 5 हजार 226 करोड़ रुपये, पेंशनर्स व कर्मचारियों के महंगाई भत्ते की 1000 करोड़ रुपये की देनदारी अलग से है। पूर्व भाजपा सरकार ने कार्यकाल के अंतिम छह महीनों में बजट का प्रावधान किए बिना 920 संस्थान खोले व स्तरोन्नत किए, जिससे सरकार पर 5 हजार करोड़ का आर्थिक बोझ पड़ा। पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर मात्र सुर्खियां बटोरने के लिए उद्देश्य से बजट का प्रावधान किए बिना लगातार घोषणाएं करते रहे।

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