Monday, April 13, 2026

होली और नवरात्रों से पूर्व घरेलू रसोई गैस की कीमत में वृद्धि  कर केंद्र सरकार ने जनता को दिया महंगाई का तोहफा: जगत सिंह नेगी


केन्द्र सरकार की जनविरोधी नीतियों से महंगाई के बोझ तले दबी जनता : रोहित ठाकुर
हिमाचल आजकल
शिमला। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर और मुख्य संसदीय सचिव राम कुमार चौधरी ने रसोई गैस की कीमतों में वृद्घि करने पर केन्द्र की भाजपा सरकार की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार घरेलू सिलेंडर की कीमत में 50 रुपए और वाणिज्यिक सिलेंडर की कीमत में 350 रुपए की बढ़ोतरी कर गरीब जनता की जेब पूरी तरह से खाली करने पर आमादा है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 410 रुपए थी जिसके लिए अब होम डिलीवरी के उपरांत उपभोक्ताआें को 1200 रुपए से अधिक की राशि अदा करनी होगी। इसके अलावा वाणिज्यिक सिलेंडर के लिए लगभग 2300 रुपए की अदायगी करनी होगी।


राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर और मुख्य संसदीय सचिव राम कुमार चौधरी ने कहा कि 14.2 किलोग्राम घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत मई 2020 में 744 रुपए से बढक़र जुलाई 2022 तक 1053 रुपए हो गई। इस अवधि में घरेलू सिलेंडर की कीमत में लगभग 41. 5 प्रतिशत की वृद्घि हुई है। जनवरी माह में वाणिज्यिक सिलेंडर की कीमत में 25 रुपये की बढ़ोतरी की गई।
उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने घरेलू और वाणिज्यिक दोनों श्रेणियों के एलपीजी सिलेंडरों के दाम में भारी बढ़ोतरी कर पहले से ही महंगाई की मार झेल रही जनता के हितों पर कुठाराघात किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के केंद्रीय नेता हर बार ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी को घरेलू गैस की कीमतों में बढ़ोतरी का कारण बताते हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि जब एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की कीमत में 4 फीसदी की कटौती की गई और उसके हिसाब से जेट ईंधन की दरें भी 4606. 50 प्रति दर किलोलीटर की दर से घटाई गई हैं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार कुछ व्यापारिक घरानों को लाभ पहुंचाने के लिए ही एलपीजी की दरों में वृद्घि कर रही है।
उन्होंने कहा कि एलपीजी के दामों में बढ़ोतरी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने देश के लोगों को शायद होली और नवरात्र में महंगाई का तोहफा दिया है। जैसे ही तीन उत्तर पूर्वी राज्यों में मतदान सम्पन्न हुआ, घरेलू रसोई गैस की कीमतें भी बढ़ गईं। वर्ष 2014 के बाद से यह चार गुणा वृद्घि है।
उन्होंने कहा कि उज्जवला योजना के लाभार्थी भी अब योजना से तौबा कर गैस सिलेंडर का रिफिल लेने से परहेज कर रहे हैं। उनका कहना है कि बेलगाम हो रही घरेलू रसोई गैस की कीमतों को वहन करने में वे सक्षम नहीं हैं। आम आदमी के लिए रसोई गैस खरीदना मुश्किल हो गया है क्योंकि भाजपा सरकार में महंगाई सारी हदें पार कर चुकी है।
मंत्रियों ने कहा कि एल.पी.जी मूल्य वृद्घि से राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं, क्योंकि अब उन्हें पुन: धुएं भरे चूल्हों में ही खाना पकाना पड़ रहा है। उन्होंने भाजपा सरकार पर बड़े व्यापारिक घरानों का पक्ष लेने और उन्हें लाभ पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके कार्य और बड़े-बड़े वायदे जमीनी हकीकत से बहुत दूर हैं।

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