हिमाचल आजकल
शिमला। हिमाचल विधानसभा के बजट सत्र के पहले ही दिन मंगलवार को सदन में खूब हंगामा हुआ । भाजपा विधायकों ने नियम-67 के तहत स्थगन प्रस्ताव को स्वीकार करने व इस पर चर्चा मांगी। लेकिन मुख्यमंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन का वाकआउट कर दिया। इससे पहले सदन में विधायक विपिन परमार ने कहा कि सारा काम रोककर इस पर स्थगन प्रस्ताव चर्चा की जाए। सरकार ने विधायक क्षेत्र विकास निधि का पैसा क्यों रोका। इस दौरान सदन में दोनों पक्षों में खूब नोकझोंक भी हुई। इस दोरान सदन में नारेबाजी भी हुई।
भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा कि विधायक क्षेत्र विकास निधि की अंतिम किस्त से विधायकों को वंचित कर दिया गया है। अन्य मदों को पैसा भी रो दिया गया है। उन्होंने कहा कि चुने हुए प्रतिनिधियों को जो निधि मिलती है, उसके लिए नोटिस दिया गया। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कार्यकाल में विधायक क्षेत्र विकास निधि को दो करोड़ रुपए किया गया है। अभी तक तीसरी किस्त नहीं दी गई है। नियम-67 के तहत नौ विधायकों ने यह प्रस्ताव दिया।
विपक्ष के हंगामे के बीच मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विधायक क्षेत्र विकास निधि रोकने के मामले में कहा कि सभी संस्थान खोले जाएं तो कुल कर्ज 91 हजार करोड़ रुपए हो जाएगा। प्रदेश आर्थिक बदहाली से गुजर रहा है। अगर राजकोषीय अनुशासन में नहीं रहेंगे तो परेशानी होगी। काम रोको प्रस्ताव तब आता है जब कोई विपदा आए।


| All Rights Reserved | Website By :