Sunday, April 12, 2026

प्राकृतिक खेती कई मायनों में किसानों के लिए फायदेमंद : शिव प्रताप शुक्ल

राज्यपाल ने ली प्राकृतिक कृषि योजना की जानकारी
हिमाचल आजकल
शिमला। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल की अध्यक्षता में वीरवार को राजभवन में कृषि विभाग के उच्च अधिकारियों की एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में राज्य में प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के कार्यान्वयन के बारे में राज्यपाल को जानकारी दी गई।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि प्रातिक उत्पाद की मांग अधिक बढ़ी है और इससे किसानों को भी व्यापक लाभ हो रहा है। प्राकृतिक कृषि के परिणामों को देखा जाए तो यह कृषि कई मायनों में फायदेमंद है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती तकनीक विकास के लिए कृषि विश्वविद्यालयों के साथ सहभागिता, प्रतिक चिन्ह (लोगो), ब्रैंडिंग व् पैकिंग सामग्री विकास, छात्रों व प्रशिक्षुआें के लिए फैलोशिप कार्यक्रम जैसे नवीन प्रयास प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में कारगर सिद्घ होंगे।
राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल तेजी से रसायनमुक्त खेती की आेर बढ़ रहा है। प्राकृतिक कृषि के अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य के लिए उत्तम उत्पाद, पर्यावरण संरक्षण तथा किसानों को उनके उत्पाद का अच्छे मूल्य मिल सके इसके लिए प्रातिक षि को बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में किसान प्राकृतिक खेती विधि को अपना रहे हैं और अभी तक 1$ 59 लाख किसान-बागवान 19320 हैक्टेयर पर इस तकनीक से विविध फसलें ले रहे हैं।
बैठक के दौरान सचिव कृषि राकेश कंवर ने राज्यपाल को प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अधिकतर छोटे और सीमांत किसान हैं जो इस विधि के प्रति आकर्षित हो रहे हैं। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय पोषक अनाज वर्ष 2023 को मनाने के लिए पोषक अनाजों के संवर्धन के लिए कृषि विभाग की आेर से तैयार किए टेबल कैलेंडर, व्यंजन पुस्तिका और विवरणिकाआें और प्राकृतिक खेती के उत्पादों को राज्यपाल को भेंट किया।

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