भावानगर, संदासु, अणु, चौपाल, जाबली, संदरनगर, दत्तनगर व खड़ापत्थर में खूलेंगे सीए स्टोर : सुक्खू
हिमाचल आजकल
शिमला। मुख्यमंत्र सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश के बागवानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार नई बागवानी नीति लाएगी। इस नीति बागवानों की आर्थिक स्थिाति मजबू होगी। शुक्रवार को विधानसभा में अपने बजट भाषण में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में नए आठ सीए स्टोर खोलने की भी घोषणा की है। यह सीए स्टोर भावानगर, संदासु, अणु, चौपाल, जाबली, संदरनगर, दत्तनगर और खड़ापत्थर में खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 1 हजार 292 करोड़ रुपए की लागत से अगले पांच सालों के लिए हिमाचल प्रदेश शिवा परियोजना शुरू की गई है। इस परियोजना के तहत बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी,सिरमौर, सोलन व ऊना जिलों के 28 विकास खंडों में 6 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में बागवानी का विकास किया जाएगा। इस परियोजना के तहत एक करोड़ पौधे रोपित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बागवानों के उत्पाद की एचपीएमसी द्वारा न्यूनतम समर्थंन मूल्य खरीद करने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था करेगी। इससे बागवानों को एचपीएमसी के सीए स्टोरों की बुकिंग के लिए आसनी से सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेा में फलों के उत्पादन के लिए फल क्लस्टर विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा सरकार ड्रेगन फ्रूट, ब्लूबेरीव एवोकाडो की नई फसलों की शुरूआत की करेगी।

निजी बस ऑपररेटरों को इ- बसें के लिए मिलेगा 50 लाख तक अनुदान: मुख्यमंत्री
परिवहन निगम की 1500 डीजल बसों को ई-बसों में बदला जाएगा
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2023- 24 के वित्तीय बजट में प्रदेश के निजी बस ऑपरेटरों को ई-बस खरीदने के लिए 50 फीसदी के दर से अधिकतम 50 लाख रुपए तक का उपदान देना की घोषणा की है। इसके अलावा निजी ट्रक ऑपरेटारों को ई ट्रक खरीदने कके लिए 50 फीसदी की दर से 50 लाख तक उपदान दिया जाएगा। सरकार निजी ऑपरेटरों को चार्जिंग स्टेशन खोलने के लिए 50 फीसदी के दर उपदान देगी। इसके लिए बिजली बोर्ड के सहयोग से एक विस्तृत योजना बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश को ग्रीन स्टेट के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके तहत हिमाचल प्रदेश परिवहन निगम की 1500 डीजल बसों को ई-बसों में चरणबद्व तरीके से बदलने की घोषणा की है। इस पर 1 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पहले चरण में नादौन में एक नया ई-बस डिपो स्थापित किया जाएगा। जबकि शिमला डिपो को चरएाबद्व तरीके से इँ- बस डिपो में बदला जाएगा।
पंचायती राज प्रतिनिधियों और स्थानीय शहरी निकायों का मानदेय बढ़ा
जिला परिषद अध्यक्ष को अब मिलेगा 20 हजार का मानदेय
मुख्यमंत्री ने बजट में पंचायती राज संस्थाआें और स्थानीय शहरी निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधियों के मानदेय में बढ़ोतरी का एेलान किया है। इसके तहत जिला परिषद अध्यक्ष का मानदेय 5 हजार रुपए बढ़ाकर 20 हजार रुपए किया गया है। जिला परिषद उपाध्यक्ष के मानदेय में 5 हजार की बढ़ोतरी कर इसे 15 हजार रुपए किया गया है। वहीं, जिला परिषद सदस्य के मानदेय में 500 रुपए की बढ़ोतरी की है और अब उन्हें 6500 रुपए मिलेंगे। इसी प्रकार पंचायत समिति अध्यक्ष को 500 रुपए की बढ़ोतरी के साथ 9500 रुपए, उपाध्यक्ष को 500 रुपए की बढ़ोतरी के साथ 7 हजार, सदस्य को 500 की बढ़ोतरी के साथ 6 हजार रुपए, पंचायत प्रधान को 500 रुपए की बढ़ोतरी के साथ 6 हजार, उप प्रधान को 500 की बढ़ोतरी के साथ 4 हजार और सदस्य को 200 रुपए की बढ़ोतरी के साथ 500 रुपए मिलेंगे।
सुक्खू ने कहा कि नगर निगम महापौर के मानदेय को 5 हजार की बढ़ोतरी के साथ 20 हजार रुपए किया गया है। उप महापौर को 5 हजार की बढ़ोतरी के बाद 15 हजार रुपए, नगर निगम पार्षद को 500 की बढ़ोतरी के बाद 7 हजार रुपए मिलेंगे। इसी तरह नगर परिषद अध्यक्ष को 500 रुपए की बढ़ोतरी के बाद 8500 रुपए, उपाध्यक्ष को 500 की बढ़ोतरी के बाद 7 हजार, पार्षद को 500 की बढ़ोतरी के बाद 3500 रुपए मिलेंगी। वहीं, नगर पंचायत प्रधान को 500 रुपए की बढ़ोतरी के बाद 7 हजार, उप प्रधान को 500 रुपए की बढ़ोतरी के साथ 5500 रुपए तथा सदस्य को 500 रुपए की बढ़ोतरी के बाद 3500 रुपए मिलेंगे।


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