Sunday, April 12, 2026

सुखविंदर सिंह सुक्खू ने किया 53 हजार 413 करोड़ का बजट पेश

सरकारी विभागों में 25 हजार पदों को भरने का किया ऐलान
हिमाचल आजकल
शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा में वितीय वर्ष 2023-24 के लिए 53 हजार 413 करोड़ रुपए का बजट पेश किया। यह पिछले वर्ष के बजट की तुलना में दो हजार करोड़ अधिक है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने वित मंत्री के तौर पर अपने पहले बजट में कोई भी नया कर नहीं लगाया है।
विधानसभा में शुक्रवार को अपने बजट भाषण में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2023-24 में राजस्व प्राप्तियां 37,999 करोड़ रहने का अनुमान है जबकि राजस्व व्यय 42,704 करोड़ रूपये अनुमानित है। इस प्रकार कुल राजस्व घाटा 4,704 करोड़ रुपए अनुमानित है। बजट में राजकोषीय घाटा 9,900 करोड़ रुपए अनुमानित है, जो कि प्रदेश सकल घरेलू उत्पाद का 4$ 61 फीसदी है।
बजट के अनुसार प्रति 100 रुपए में से वेतन पर 26 रुपए, पेंशन पर 16 रुपए, ब्याज अदायगी पर 10 रुपए, ऋण अदायगी पर 10 रुपए, स्वायत संस्थानों के लिए ग्रांट पर नौ रुपए, जबकि शेष 29 रुपए विकास व अन्य कार्यों पर खर्च किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2022-23 के संशोधित अनुमानों के अनुसार कुल राजस्व प्राप्तियां 38,915 करोड़ रुपए हैं जबकि राजस्व व्यय 45,115 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है। वहीं राजस्व घाटा 6,170 करोड़ अनुमानित है। मुख्यमंत्री ने अपने सवा दो घंटे के बजट भाषण में करीब एक दर्जन नई योजनाआें की घोषणाएं की है। उन्होंने ने बजट में आगामी वित वर्ष के दौरान विभिन्न सरकारी विभागों में 25 हजार पदों को भरने का लक्ष्य रखा है, जिससे प्रदेश में युवाआें के लिए रोजगार के द्वार खुलेंगे। सुक्खूु ने कहा कि विधायक एच्छिक निधि को 12 लाख से बढ़ाकर 13 लाख प्रति विधानसभा सभा क्षेत्र बढ़ाया गया है। इसके अलावा विधायक क्षेत्र विकास निधि की राशि को 2 करोड़ से बढ़ाकर 2 करोड़ 10 लाख रुपए प्रति विधानसभा क्षेत्र किया है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने आईटी शिक्षकों के मानदेय में दो हजार प्रति माह और एसएमसी शिक्षकों के मानदेय में 500 रुपए प्रति माह की बढ़ोतरी की घोषणा भी की है। इसके अतिरिक्त आशा वर्कर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आंगनबाडी सहायिका, सिलाई अध्यापिका, पंचायत चौकीदार, राजस्व चौकीदार व मिड डे मील वर्कर, नम्बरदार, जलगार्ड, पैरा फिटर, पंप अपरेटर के मानदेय में 500 रुपए प्रतिमाह की वृद्घि हुई है। दिहाड़ी को 25 रुपए बढ़ाया गया है। अब दिहाड़ी 375 रुपए हो गई है। प्रदेश में बिकने वाली शराब पर प्रति बोतल 10 रुपये दूध सेस लगाया जाएगा। जिससे प्रतिवर्ष लगभग 100 करोड़ रूपए की प्राप्ति होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस धनराशि का उपयोग दुग्ध उत्पादन बढ़ाकर दूध उत्पादकों की आय में वृद्घि के लिए किया जाएगा।

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