चुनाव में शिमला के तीन कैबिनेट मंत्रियों के प्रतिष्ठा भी दाव पर
हिमाचल आजकल
शिमला। प्रदेश की बागडोर सत्ता सभालने के बाद नगर निगम शिमला के चुनाव में कांग्रेस की पहली परीक्षा होगी। हालांकि प्रदेश कांग्रेस ने नगर निगम चुनाव अपने वरिष्ठ नेताओं की पूरी फौज झौंक दी है। कांग्रेस सरकार बने अभी करीब करीब तीन महीने का समय हुआ है। ऐसे में कांग्रेस सरकार नगर निगम चुनाव में जनता के सामने अपना रिपोर्ट कार्ड रखेगी। अहम बात यह है कि जिला शिमला से सरकार में तीन कैबिनेट मंत्री है। नगर निगम चुनाव में मंत्रियों साख भी दाव पर लगी है।

हिमाचल की नव नियुक्त कांग्रेस सरकार के लिए नगर निगम शिमला के चुनाव प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। हालांकि कांग्रेस ने इन चुनाव में कांग्रेस ने अपनी पूरी ताकत झौंकनी शुरू कर दी है। लेकिन भाजपा भी कांग्रेस को घेरने के लिए रणनीति बनाने में जुट गई है। कांग्रेस के लिए यह चुनाव कई मायने में काफी अहम माने जा रहे है। प्रदेश की जनता ने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बहुमत दिया था। लिहाजा नगर निगम चुनाव में जनता अब कांग्रेस के तीन महीने के छोटे से कार्यकाल का आकलंन करेगी। नगर निगम शिमला चुनाव में जीत हार का मैसेज पूरे प्रदेश में जाएगा। अगले साल के शरू में लोकसभा के चुनाव भी होने है। अलबत्ता इस चुनाव के नतीजों से कांग्रेस व भाजपा के आगे का भविष्य तय होगा। माना जा रहा है कि सत्ता में होने का फायदा इस चुनाव में कांग्रेस को मिल सकता है।

कांग्रेस ने नगर निगम शिमला के चुनाव गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है। नगर निगम शिमला के चुनाव के लिए कांग्रेस ने अपने मंत्रियों सहित प्रदेश के सभी बड़े नेताओं को चुनाव जिमेदारियों सौंपी है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को चुनाव से संबंधित किसी न किसी चुनाव कमेटी में एडज़स्ट किया गया है। ताकि कांग्रेस के अंदर किसी भी गुटबाजी से बचा जा सके।

अहम यह है कि कांग्रेस सरकार में तीन मंत्री जिला शिमला से बनाए गए है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, पंचायती राज मंत्री अनिरुद्व सिंह व लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह शिमला जिला से है। इसके अलावा एक मुख्य संसदीय ससचिव मोहन लाल ब्राक्टा भी शिमला से बनाए गए है। शिमला शहर से हरीश जनारथा कांग्रेस के विधायक है। इसके अलावा दो चेयरमैन भी शिमला जिला को दिए गए है। ऐसे में कांग्रेस नगर निगम चुनाव में मंत्रियों की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है। इसके अलावा मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार व ओएसडी भी शिमला से संबंध रखते है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस आलाकमान ने मंत्रियों व वरिष्ठ नेताओं की फौज उतार कर चुनाव जीतने में कोई कसर नहीं छोडऩा चाहता है।


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