सुक्खू और जयराम ठाकुर ने चुनाव प्रचार में नहीं छोड़ी कोई कसर
हिमाचल आजकल
शिमला। नगर निगम शिमला के चुनावी नतीजें कांगेस व भाजपा के लिए कई मायनों में काफी अहम माने जा रहे है। विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस की नगर निगम चुनाव में पहली परीक्षा होने जा रही है। भाजपा के लिए अपनी खोई हुई प्रतिष्ठा को वापस पाने का मौका है। वीरवार को नगर निगम शिमला के चुनाव परिणाम आने है। नगर निगम चुनाव के नतीजें सूबे की आगे राजनीति के दिशा तय करेंगे। चुनाव नतीजें आने के बाद हिमाचल की राजनीति में नए समीकरण उभरने के भी आयार नजर आने लगे है।

नगर निगम शिमला के चनाव की तस्वीर वीरवार का साफ हो जाएगी। चुनाव नतीजें का असर अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव पर देखने को मिलेगा। नगन निगम चुनाव के बाद अब कांग्रेस व भाजपा लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुट जाएगी। अहम बात यह है कि शिमला नगर निगम के चुनाव में प्रदेश के सभी क्षेत्रों के लोगों ने मतदान किया है। श्मिला राजधानी होने के कारण यहां सभी जिलों के लोग रहते है। ऐसे में शिमला के कई वार्डों में कांटे टक्कर मानी जा रही है। नगर निगम शिमला के चुनावी नतीजें आने के बाद लोकसभा चुनाव के लिए माहौल बनना शुरू हो जाएगा। लिहाजा नगर निगम शिमला के चुनाव को भाजपा व कांग्रेस गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कांग्रेस उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार में कोई कसर नहीं छोड़ी है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भाजपा प्रत्याशियों के लिए दिन रात प्रचार करने में जुटे रहे है। हालंाकि कांग्रेस को इन चुनाव में सत्ता का फायदा मिल सकता है। बहरहाल वीरवार को चुनाव परिणाम आने के बाद प्रदेश की भविष्य की राजनीति के संकेत भी मिलने लगेगे। अहम बात यह है कि कांगे्रस ने दो चानव में लगातार जीत दर्ज की है। पहले मंडी लोकसभा उपचुनाव और उसके बाद विधानसभा में के चुनाव में अपना परचम लहारया है। अब नगर निगम शिमला के चुनाव पर सबकी नजरें टिकी है।


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