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शिमला। एसजेवीएन के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक नंद लाल शर्मा ने अवगत करवाया कि एसजेवीएन ने राजस्थान में 100 मेगावाट की स्टेट ट्रांसमिशन यूटिलिटी (एसटीयू) कनेक्टिड सौर विद्युत परियोजना से हासिल की है। एसजेवीएन की पूर्ण स्वामित्व वाली अधीनस्थह कंपनी एसजेवीएन ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एसजीईएल) ने राजस्थान ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (आरयूवीएनएल) द्वारा आयोजित ई-रिवर्स अक्शन (ई-आरए) द्वारा खुली प्रतिस्पर्धी टैरिफ बोली प्रक्रिया में भाग लिया था ।
उन्होंने ने बताया कि आरयूवीएनएल ने राजस्थान राज्य में कहीं भी 1000 मेगावाट एसटीयू कनेक्टेड सोलर पीवी पावर प्लांट की स्थापना के चयन के लिए अनुरोध पत्र जारी किया था। उक्तर आरएफएस की तर्ज पर आठ कंपनियों ने तकनीकी और वित्तीय मानदंडों को पूर्ण किया। एसजीईएल ने 2$62 प्रति यूनिट टैरिफ यूनिट की दर से खुली टैरिफ बोली के बिल्ड आेन एंड अपरेट के आधार पर 100 मेगावाट की परियोजना को हासिल किया है।
नंद लाल शर्मा ने आगे बताया कि एसजीईएल द्वारा ईपीसी अनुबंध के माध्यम से राजस्थान में कहीं भी ग्राउंड माउंटेड सौर परियोजना विकसित की जाएगी। इस परियोजना के आबंटन के साथ, एसजेवीएन के पास अब राजस्थान में 1100 मेगावाट की सौर विद्युत परियोजनाएं हैं। एसजेवीएन 1000 मेगावाट की बीकानेर सौर परियोजना भी विकसित कर रहा है, इस परियोजना की आधारशिला भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा दिनांक 3 जनवरी 2023 को रखी गई । परियोजना कार्यान्वयन के अग्रिम चरणों में है, और इसका वर्तमान वित्तीय वर्ष में कमीशन होना निर्धारित है।
नंदश् लाल शर्मा ने कहा कि इस परियोजना के निर्माण की अनुमानित लागत लगभग 600 करोड़ रुपए होगी। इस परियोजना से प्रथम वर्ष में 252 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पांदित होगी और 25 वर्षों में परियोजना का संचयी ऊर्जा उत्पादन लगभग 5866 मिलियन यूनिट होगा। इस परियोजना की कमीशनिंग होने से 287434 टन कार्बन उत्सर्जन कम होने की आशा है।


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