Sunday, August 2, 2026

नंद लाल शर्मा ने आईबीएन नेपाल सरकार के साथ 669 मेगावाट लोअर अरुण एचईपी के लिए पीडीए पर हस्ताक्षर किए

हिमाचल आजकल
शिमला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल की गरिमामयी उपस्थिति में नेपाल में 669 मेगावाट लोअर अरुण जल विद्युत परियोजना के परियोजना विकास समझौते (पीडीए) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। एसजेवीएन के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक नंद लाल शर्मा और नेपाल निवेश बोर्ड, नेपाल सरकार के सीईआे सुशील भट्टा ने पीडीए पर आज नई दिल्ली में हस्ताक्षर किए।
इस अवसर पर नंद लाल शर्मा ने कहा कि एसजेवीएन लोअर अरुण जल विद्युत परियोजना को 7 से 8 वर्षों के भीतर निष्घ्पादित कर एक मॉडल हाइड्रो परियोजना बनाने के लिए प्रतिबद्घ है। एक बड़ी उपलब्धि के रूप में, एसजेवीएन द्वारा इस परियोजना की डीपीआर रिकर्ड समय में तैयार की गई है और दोनों सरकारों द्वारा इसे अब तक की सबसे न्घ्यूनतम अवधि में मंजूरी दी गई है।
नंद लाल शर्मा नेे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का निरंतर मार्गदर्शन और आशीर्वाद के लिए और विकास भागीदार के रूप में एसजेवीएन में विश्वास दिखाने के लिए नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा यह परियोजना 900 मेगावाट अरुण-3 एचईपी, जोकि निर्माण के अग्रिम चरण में है, के बाद नेपाल में हमारा दूसरा बड़ा निवेश है। अब, हमारा लक्ष्य भारत सरकार से निवेश अनुमोदन प्राप्त करने के बाद इसी वित्त वर्ष में परियोजना का निर्माण शुरू करना है।
नंद लाल शर्मा ने मुख्य विशेषताआें पर प्रकाश डालते हुए बताया कि परियोजना का निर्माण पांच साल में 5792 करोड़ रुपए की लागत से 4$ 99 रुपण् प्रति यूनिट के समानीत टैरिफ के साथ किया जाएगा। परियोजना बीआेआेटी के आधार पर विकसित की जाएगी और कमीशनिंग बाद यह परियोजना सालाना 2901 मिलियन यूनिट विद्युत का उत्घ्पादन करेगी। इसके अलावा, एसजेवीएन विद्युत निकासी और भारत को निर्यात करने के लिए 217 किलोमीटर लंबा संबद्घ ट्रांसमिशन नेटवर्क भी विकसित कर रहा है।
669 मेगावाट लोअर अरुण जलविद्युत परियोजना नेपाल के संखुवासभा और भोजपुर जिलों में स्थित है। एसजेवीएन ने फरवरी 2021 में अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धी बोली के माध्यम से परियोजना हासिल की थी और जुलाई 2021 में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे। 900 मेगावाट अरुण 3 एचईपी की टेल रेस निर्माण होने के परिप्रेक्ष में इस परियोजना में कोई जलाशय या बांध नहीं होगा और अरुण-3 परियोजना के साथ टेंडम ऑपरेटिंग सिस्घ्टम के रूप से प्रचालन करेगी। एसजेवीएन पहले से ही हिमाचल प्रदेश में भारत के सबसे बड़े भूमिगत 1500 मेगावाट नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पावर स्टेशन का 412 मेगावाट रामपुर हाइड्रो पावर स्टेशन के साथ टेण्घ्डम में संचालन कर रहा है।

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