Sunday, August 2, 2026

वाशिंगटन सेब पर आयात शुल्क 50 फीसदी करने का फैसला बागवान विरोधी : नरेश चौहान

हिमाचल आजकल
शिमला। मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अमरीका दौरे के दौरान वाशिंगटन सेब पर आयात शुल्क 20 फीसदी कम करने का फैसला प्रदेश के बागवानों के साथ एक बड़ा धोखा है। केंद्र सरकार के इस फैसले से प्रदेश सरकार व कांग्रेस कड़ा विरोध करगी। प्रदेश सरकार और कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर बागवानों के साथ खड़ी है। वे शुक्रवार को शिमला में पत्रकारों से बात कर रहे थे।
उन्होंने केन्द्र सरकार के इस फैसले को बागवान विरोधी करार देते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार आयात शुल्क को 100 प्रतिशत करने की इस मांग को केन्द्र सरकार के साथ उठाएगी ताकि सेब उत्पादकों के हितों की रक्षा की जा सके। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2014 और 2019 में प्रदेश के लोगों ने वायदा किया था कि वह सेब पर आयात शुल्क बढ़ाएंगे लेकिन वह आज अपने वादे से मुकर गए है। हिमाचल को अपना दूसरा घर मानने वाले प्रधानमंत्री मोदी द्वारा आयात शुल्क 70 प्रतिशत से घटाकर 50 प्रतिशत करना प्रदेश के बागवानों के साथ उनकी वादाखिलाफी है।
नरेश चौहान ने कहा कि हिमाचल एक फल राज्य है जिसे सेब राज्य के नाम से जाना जाता है और देश की आर्थिकी में सेब उत्पादन का अहम योगदान है। क्योंकि प्रदेश की करीब 7 लाख आबादी बागवानी व्यवसाय से जुड़ी है जबकि प्रदेश के 6 से 7 जिलों में सेब की खेती की जाती है जहां डेढ़ लाख परिवार सीधे तौर से इस व्यवसाय से जुड़े हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता इस मुद्दे पर अपना स्टैंड साफ करे कि वह किसानों व बागवानों के साथ हैं या उनके विरोधी हैं। कांग्रेस और प्रदेश के 75 लाख लोग यह जानना चाहते हैं कि इस मुद्दे पर भाजपा का क्या रूख है। उन्होंने कहा कि वह पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष से भी इस बारे आग्रह करेंगे कि वह भी अपने स्तर पर केन्द्र सरकार से बात करें बागवानों के साथ हो रहे अन्याय को खत्म करें।
नरेश चौहान ने कहा कि दो सालों में कार्टन बक्सों की कीमतों में बड़ा इजाफा हुआ है लेकिन अब इनकी कीमतों में 11 से 23 प्रतिशत की कमी आएगी जिससे बागवानों को बड़े पैमाने पर लाभ होगा और उन्हें राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि कार्टन बक्सों पर प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का यह एक अहम फैसला है।

Get in Touch

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related Articles