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शिमला । प्रदेश का मत्सय विभाग ऊंचे बर्फीले पर्वतीय क्षेत्रों में पैदा की जाने वाली ट्राउट मच्छली के पांच लाख अंडे सिक्किम सरकार को प्रदान करेगा। इन अण्डों की पहली खेप सिक्किम सरकार 24 दिसंबर को कुल्लू जिला में स्थित बताहार और हामनी हैचरी से उठाएगी।
शिमलाराज्य के मत्स्य पालन मंत्री वीरेन्द्र कंवर ने बताया कि इस समय राज्य में सरकारी क्षेत्र में स्थापित पल्लीकुहल, बाराहाट, हामनी, मांदल, होली, बरोट, सांगला और धाममाड़ी में स्थापित हैचरियों के माध्यम से वार्षिक 17 लाख ट्राउट मच्छलियों के अंडों का उत्पादन किया जा रहा है। मच्छली पालन विभाग प्रति वर्ष राज्य के ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों के ठंडे जलाशयों में लगभग 80, हजार से 1 लाख ब्राउन ट्राउट सीड (फिंगरलिग्स) का भंडारण करता है। राज्य में ट्राउट मच्छली उत्पादन की शुरुआत ब्रिटिश काल में वर्ष 1909 में स्पोर्ट्स फिश्रीज को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से शुरु किया गया। हिमाचली ट्राउट मच्छली आक्सीजन से भरपूर बर्फीली नदियों में पैदा होने की वजह से विश्व में सबसे स्वास्थ्यवर्धक और स्वादिष्ट पौष्टिक मच्छली मानी जाती है।
मत्स्य पालन मंत्री ने बताया कि प्रदेश में मच्छली उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए निजी क्षेत्रों को केंद्रीय प्रायोजित परियोजनाओं के तहत अनेक प्रोत्साहन प्रदान किए जा रहे हैं जिसके परिणामस्वरूप वर्ष 2017-18 में निजी क्षेत्र में 15 ट्राउट हैचरी, वर्ष 2018-19 में कुल 12 ट्राउट हैचरी स्थापित की गई निजी क्षेत्र में अब तक राज्य में कुल 32 ट्राउट हैचरी स्थापित की गईं हैं।
हिमाचल में वर्ष 2021-22 के दौरान 2$ 50 करोड़ रुपए निवेश(140 लाख सब्सिडी) से राज्य के सिरमौर, चंबा किन्नौर और मंडी जिलों में पांच नई हैचरियां स्थापित की जाएंगी। ट्राउट मच्छली उत्पादन राज्य के बर्फीले क्षेत्रों के किसानों के लिए लाभप्रद व्यवसाय के रूप में उभर रहा है इस समय 600 ट्राउट उत्पादकों द्वारा राज्य में 1200 ट्राउट मच्छली इकाईयां स्थापित की गईं ।


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