सरकार ने सी ग्रेड के सेब की खरीद के लिए खोलें 311 खरीद केंद्र
हिमाचल आजकल
शिमला। हिमाचल में इस बार सेब की कम फसल का असर पर प्रदेश सरकार के उपक्रमों भी पडऩे लगा है। सरकार बागवानों से मंडी मध्यस्थता योजना के तहत सरकारी उपक्रम एचपीएमसी व हिमफैड के मध्यम से सी ग्रेड के सेब की खरीद करती है। लेकिन इस बार प्रदेश में सेब की फसल काफी कम है। सरकार ने अभी तक मंडी मध्यस्थता योजना के तहत करीब 43 हजार मीट्रिक टन सेब की खरीद की है।
प्रदेश सरकार इस बार बागवानों से सी ग्रेड का सेब 12 रुपए प्रति किलो के हिसाब से खरीद रही है। इस बार सरकारी उपक्रम एचपीएमसी व हिमफैड ने अब तक करीब 43 हजार मीट्रिक टन सेब की खरीद कर दी है। अब जबकि प्रदेश में सेब सीजन अंतिम दौर चल रहा है। पिछले साल इन दोनों सरकारी उपक्रम ने करीब 86 हजार मीट्रिक टन सी ग्रेड के सेब की खरीद की थी। एचपीएमसी ने सबे की खरीद के लिए प्रदेशभर में 209 संटर खोलें है। जबकि हिमफैड 102 खरीद केंद्रों के मध्यम से सेब की खरीद की है। दोनों उपक्रम 15 अक्टूबर तक सेब की खरीद करेगी। एचपीएमसी व हिमफैड मंडी मध्यस्थता योजना के तहत खरीदे गए सेब से अच्छा खास कारोबार करते है। एमआईएस के तहत खरीदे गए से के बदले एचपीएमसी व हिमफैड बागवानों को दवाइयों, खाद व सेब से संबंधित उपकरण उपलब्ध करते है। वहीं एचपीएमसी के महाप्रबंधक हितेश आजाद का कहना है कि इस बार सेब की फसल कम है। फल मंडियों में बागवानों को सेब के अच्छे दाम मिल रहे है। उनका कहना है कि पिछले साल के मुकाबले इस बार एमआईएस के तहत बागवान सरकार को कम सेब बेच रहे है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अभी सेब सीजन चल रहा है। अब खरीद केंद्रों पर काफी कम सेब पहुंच रहा है।
मंडी मध्यस्थता योजना के तहत 43 हजार मीट्रिक टन सेब की खरीद
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