हिमाचल प्रदेश में मंडी संसदीय सीट के अलावा जुब्बल-कोटखाई, अर्की और फतेहपुर विधानसभा सीट के लिए हो रहे उपचुनाव के लिए सुबह आठ बजे से मतदान हो रहा है। मतदाताओं में वोटिंग को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। मतदान केंद्रों पर सुबह से वोटर लाइनों में लगे हुए हैं। 2484 मतदान केंद्रों पर 15 लाख से ज्यादा मतदाता वोट डालेंगे। इनमें 18 से 19 साल की उम्र के 38 हजार से ज्यादा मतदाता पहली बार मतदान करेंगे। आयोग ने पहली बार 80 साल से ज्यादा उम्र के वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग और कोविड पॉजिटिव मरीजों के लिए मोबाइल मतदान केंद्र की भी व्यवस्था की है, जिनमें करीब 12 हजार मतदाता घर बैठे मतदान कर चुके हैं। देश के प्रथम मतदाता एवं चुनाव आयोग के ब्रांड एंबेसडर 104 वर्षीय श्याम सरण नेगी खुद कल्पा बूथ पर जाकर वोट डालेंगे। चारों सीटों पर कुल 18 प्रत्याशी अपना भाग्य आजमा रहे हैं।
2 नवंबर को मतों की गणना होगी जिसके लिए पहले ही तैयारियां की जा चुकी हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी पालरासू ने बताया कि लोकतंत्र के इस पर्व को मनाने के लिए 15256 फीट की ऊंचाई पर लाहौल-स्पीति के टशीगंग में स्थापित दुनिया के सबसे ऊंचे मतदान केंद्र से लेकर कुल्लू जिले के सुदूरवर्ती शाक्टी तक में मतदाताओं को नजदीक में मतदान की सुविधा मुहैया कराने का प्रयास किया गया है।
24000 से ज्यादा मतदान व सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है, जिनमें केंद्रीय सुरक्षा बल भी शामिल हैं। इसके अलावा 50 फीसदी केंद्रों की वेब कास्टिंग की जा रही है, ताकि जिला व प्रदेश मुख्यालय स्तर पर भी मतदान केंद्रों की निगरानी की जा सके।
सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे के बीच सामान्य मतदाता मतदान कर सकेंगे, जबकि पांच से छह बजे के बीच का समय कोविड पॉजिटिव मरीजों के लिए रखा है। कोविड के चलते भीड़ से बचाव के लिए इस बार हर हजार मतदाताओं पर एक मतदान केंद्र बनाया गया है।
इसी वजह से चार सौ अतिरिक्त मतदान केंद्र ऑग्जीलरी मतदान केंद्र के तौर पर अतिरिक्त बनाए गए हैं। संसदीय क्षेत्र मंडी के उपचुनाव में करीब 13 लाख वोटर मंडी का सांसद चुनेंगे। कोविड नियमों की अनुपालना के साथ शांतिपूर्वक मतदान के लिए चुनाव आयोग ने कड़े और बेहतर इंतजाम किए हैं।


| All Rights Reserved | Website By :