सुलभ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाना सरकार का कर्तव्य : मुख्यमंत्री
हिमाचल आजकल
शिमला। प्रदेश सरकार अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए कृतसंकल्प है। हर व्यक्ति को घर के नजदीक सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए नई पहल की जा रही हैं। वहीं, जरूरतमंद लोगों को गम्भीर रोगों के उपचार के लिए वित्तीय सहायता भी उपलब्ध करवाई जा रही है। मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष इस दिशा में सार्थक सिद्घ हो रहा है।
मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष का गठन जरूरतमंद गरीब लोगों को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाने के लिए किया गया है। इसमें आेपीडी और अन्य संबद्घ व्यय भी शामिल हैं। लाभार्थी को सक्षम प्राधिकारी से आय प्रमाण पत्र अपने आवेदन के साथ प्रस्तुत करना होता है। कैंसर, मुख्य हृदय रोग शल्य चिकित्सा, एएसडी, वीएसडी, वल्व प्रतिस्थापन व बाईपास सर्जरी, रीढ़ की हड्डी से जुड़ी शल्य चिकित्सा, गुर्दे के प्रत्यारोपण सहित ब्रेन सर्जरी जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना जरूरी नहीं है।
मान प्रदेश सरकार द्वारा इस योजना के तहत 1 जनवरी, से लेकर अब तक 1 करोड़ 59 लाख 60 हजार 548 रुपए की सहायता राशि जारी की जा चुकी है। इसके तहत 57 लाभार्थियों को 35 लाख 15 हजार 548 रुपए की राशि उनके खातों में भेजी गई है। इसके अतिरिक्त 1 करोड़ 24 लाख 45 हजार रुपए की राशि सम्बंधित अस्पतालों को जारी की गई है।
पात्र लाभार्थी प्रदेश में स्थित सभी राजकीय अस्पतालों सहित पीजीआई चंडीगढ़, राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय व अस्पताल, सैक्टर-32 चंडीगढ़ और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली में उपचार प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त प्रदेश में संचालित विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के तहत सूचीबद् अस्पतालों में भी उपचार पर इस कोष के तहत सहायता प्रदान की जाती है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का कहना है कि अंतिम व्यक्ति तक आधुनिक व सुलभ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाना एक कल्याणकारी राज्य का कर्तव्य होता है। इसी भावना के साथ कार्य करते हुए जरूरतमंदों को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए सहायता राशि उपलब्ध करवाई जा रही है।
मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष के तहत 1. 59 करोड़ की सहायता राशि जारी
Get in Touch


| All Rights Reserved | Website By :