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शिमला। एसजेवीएन ने राजभाषा हिंदी के प्रोत्साहन की कड़ी में स्कूली विद्यार्थियों के मध्य हिंदी के प्रचार-प्रसार और हिंदी साहित्य के वर्चस्व को बरकरार रखने के लिए पहली बार एक नवोन्मेष योजना की शुरुआत की है । एसजेवीएन की अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक गीता कपूर ने इस पहल के तहत दास्तान कहानियों की दुनिया नामक पुस्तक का विमोचन किया।
गीता कपूर ने अवगत करवाया कि इस नवोन्मेष योजना के तहत जिला शिमला के सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा तीसरी से कक्षा बारहवीं तक के छात्र – छात्राओं के मध्य कहानी लेखन प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। इस पप्रतियोगिताओं में जिला शिमला के स्कूलों के छात्र-छात्रों ने भाग लिया और विद्यार्थियों की 67 मौलिक कहानियां शर्टलिस्ट की गई। प्रतिष्ठित ज्यूरी पैनालिस्ट श्रीनिवास जोशी, आत्मा रंजन और संगीता सारस्वत द्वारा शर्टलिस्ट की गई कहानियों में से पंद्रह कहानियों को लघु कथाओं के संकलन के लिए चयनित किया गया । इन कहानियों को दास्तान- कहानियों की दुनिया नामक पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया गया है। कहानी लेखन प्रतियोगिताएं एसजेवीएन सीएसआर फाउंडेशन के तत्वाधान में कीकली चौरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से आयोजित की गई। उन्होने कहा कि हमारे युवा शिक्षार्थियों के बीच एेसी प्रतिभा और समर्पण देखना वास्तव में प्रेरणादायक है। इन छात्रों द्वारा रचित कहानियाँ न केवल उनकी कल्पनाशीलता को प्रदर्शित करती हैं, बल्कि उनकी रचनात्मकता, कथ्य और शिल्प को भी प्रदर्शित करती हैं। ये कौशल न केवल शैक्षणिक सफलता के लिए बल्कि व्यक्तित्व विकास और भविष्य के प्रयासों के लिए भी आवश्यक हैं।
इसके साथ, एसजेवीएन द्वारा शिमला में राजभाषा नीति संबंधी सांविधिक प्रावधानों और अपेक्षाआें के मद्देनजर और हिन्दी के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देते हुए इसे जन उपयोगी बनाने के लिए एक दिवसीय अखिल भारतीय राजभाषा संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया। संगोष्ठी की अध्यक्ष्ता चंद्र शेखर यादव, कार्यकारी निदेशक, मानव संसाधन ने की। उन्होंने कहा कि यह बड़े गर्व की बात है कि हिन्दी संबंधी कार्यक्रमों में कर्मचारी बड़े मनोयोग से भाग लेते है और रोजमर्रा के कामकाज में हम राजभाषा को प्राथमिकता दे रहे हैं।


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