Sunday, January 11, 2026

एसजेवीएन ने आईआईटी पटना के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए

हिमाचल आजकल
शिमला। एसजेवीएन ने एके सिंह, निदेशक (वित्त), एसजेवीएन व टीएन सिंह, निदेशक, आईआईटी पटना की उपस्थिति में प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान पटना (आईआईटी पटना) के साथ एक महत्घ्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू)  पर हस्ताक्षर किए हैं।
एसजेवीएन की अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक गीता कपूर ने कहा कि इस सहयोग का उद्देश्य उन्नत भूगर्भीय मडलों को आगे बढ़ाना है, जिससे एसजेवीएन की टनलिंग परियोजनाओं में समय एवं लागत ओवररन को काफी हद तक कम किया जा सके। एमआेयू का मुख्य उद्देश्य विविध भू-तकनीकी डेटा स्रोतों को एकीकृत करने के लिए अत्याधुनिक पद्घतियों को विकसित करना है। इनमें एसजेवीएन की परियोजनाआें से भूगर्भीय सर्वेक्षण, बोरहोल डेटा, भू-भौतिकीय माप और निगरानी डेटा शामिल हैं। इस सहयोग का उद्देश्य आेवरबर्डन और डिफर्मेशन के मध्य जटिल संबंधों का मूल्यांकन करना भी है, जिससे टनलिंग परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण सहायक प्रणालियों के मूल्यांकन और डिजाइन को बढ़ाया जा सके। एकीकृत भू-तकनीकी डेटा और 3डी भूगर्भीय मडलों का दोहन करके, एसजेवीएन और आईआईटी पटना का लक्ष्य संभावित जोखिमों और खतरों को चिह्नित और उनका विश्लेषण करना है।
इस साझेदारी के परिणामों में से एक प्रमुख परिणाम पूर्वानुमानित एनालिटिक्स एल्गोरिदम का विकास होगा। ये एल्गोरिदम, एकीत भू-तकनीकी डेटा का लाभ उठाते हुए, संभावित जोखिमों का पूर्वानुमान लगाएंगे और विशेष रूप से टनलिंग परियोजनाआें के लिए तैयार की गई प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियां उपलब्घ्ध कराएंगे। इस प्रकार के सक्रिय उपायों से परियोजना निष्पादन के दौरान समय और लागत आेवररन को काफी हद तक कम करने की संभावना है।
एमओयू पर हस्ताक्षर के अवसर पर एसजेवीएन से आरके गुप्ता, मुख्य महाप्रबंधक (सिविल), जितेंद्र यादव, महाप्रबंधक (वित्त), हेमन्त कुमार शाकल्य, महाप्रबंधक (सिविल), अक्षय आचार्य, महाप्रबंधक (भूविज्ञान) और आईआईटी पटना से प्रोफेसर ए के वर्मा भी उपस्थित रहे।

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