मंडी मध्यस्थता योजना के तहत 153 करोड़ की राशि जारी की गई
हिमाचल आजकल
शिमला। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि इतिहास में ऐसा पहली बार है कि राज्य सरकार ने मंडी मध्यस्थता योजना के तहत सेब बागवानों की सभी देनदारियों का भुगतान कर दिया गया हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष 2023 के 63 करोड़ रुपए और भाजपा सरकार के कार्यकाल के 90 करोड़ रुपए राज्य सरकार ने जारी कर दिए हैं और कई वर्षों की लम्बित देनदारियों का भुगतान कर दिया है। उन्होंने मंडी मध्यस्थता योजना के तहत 153 करोड़ रुपए जारी करने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्दर सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया है।
रोहित ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने मंडी मध्यस्थता योजना के तहत सभी देनदारियां को अपने संसाधनों से भुगतान किया हैं। पहले इस योजना के तहत 50:50 के अनुपात में केन्द्र और राज्य सरकार खर्च वहन करते थे, लेकिन वर्ष 2023 में केन्द्र सरकार ने अपना हिस्सा देना बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि सेब बागवानों के हितों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने योजना का पूरा खर्च अपने संसाधनों से उठाने का निर्णय लिया है।
उनका कहना है कि वर्तमान कांग्रेस सरकार किसान व बागवान हितैषी सरकार है और इस सेब सीजन में यूनिवर्सल कार्टन को लागू कर दिया गया है, जबकि पिछले वर्ष सेब की खरीद प्रति किलो के हिसाब से सुनिश्चित की गई है, जिससे प्रदेश के सेब बागवानों को काफी फायदा हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सेब बागवानों के हितों को देखते हुए प्रदेश में सीए स्टोर का आधारभूत ढांचा मजबूत करने के लिए भी प्रयास कर रही है। वर्तमान कांग्रेस सरकार ने सेब बागवानों के लिए कीटनाशकों और खाद पर मिलने वाली सबसिडी को दोबारा बहाल किया है, जिसे पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में बंद कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश के सेब बागवानों के साथ केवल छल करती आई है और उनके विरूद् ही फैसले लिए हैं।
रोहित ठाकुर ने कहा कि चुनाव आते ही भाजपा नेता जुमले इस्तेमाल करके प्रदेश के बागवानों को ठगने का काम करते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पहले तो सेब पर आयात शुल्क तीन गुणा बढ़ाने की बात करते थे परन्तु अब आयात शुल्क को घटाकर 50 प्रतिशत कर दिया है, जिससे प्रदेश में सेब बागवानी का अस्तित्व ही खतरे में पड़ गया है।
केंद्र ने एमआईएस में अपना 50 प्रतिशत हिस्सा खत्म किया: रोहित ठाकुर
Get in Touch


| All Rights Reserved | Website By :