राजेश धर्माणी ने केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी से मुलाकात की
हिमाचल आजकल
शिमला। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय कौशल विकास व उद्यमशीलता राज्य मंत्री जयंत चौधरी से मुलाकात की। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री को जानकारी दी कि पहाड़ी राज्य हिमाचल में ड्रोन तकनीक के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है क्योंकि यह तकनीक आपदा प्रबंधन, कृषि एवं बागवानी और स्वास्थ्य क्षेत्र में बहुमूल्य योगदान दे रही है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से हिमाचल में ड्रोन तकनीक पर आधारित एक सेन्टर अफ एक्सीलेंस स्थापित करने के लिए केंद्रीय सहायता प्रदान करने का आग्रह किया।
उन्होंने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के स्तरोन्यन, नए पाठ्यक्रमों, गुणवत्तापूर्ण उद्यमिता के लिए केंद्र की 60 हजार करोड़ रुपए की योजना में संबंधित राज्य सरकारों की एक तिहाई धन राशि के आवटन के नियम से हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य की वित्तीय बाध्यता को ध्यान में रखते हुए छूट प्रदान करने का अनुरोध किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (4.0) से प्रशिक्षण लक्ष्यों में लचीलापन और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (4.0) से प्रदेश में उद्योग व अन्य उद्यमिता क्षेत्रों की मांग के अनुरूप कौशल बल तैयार करने के लिए प्रदेश के निजी प्रशिक्षण साझेदारों को इस योजना के तहत अनुमति प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में कौशल प्रशिक्षण गतिविधियों का दायरा बढ़ेगा।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने बताया कि केंद्र द्वारा प्रायोजित सामुदायिक विकास पलिटेक्रिक्स योजना के तहत चयनित प्रदेश के 6 पलिटेक्रिक्स को वर्ष 2023-24 और वर्ष 2024-25 के लिए धनराशि जारी नहीं की गई है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से योजना के तहत शीघ्र धनराशि जारी करने और वर्ष 2025-26 के लिए नए संस्थानों को चयनित करने का अनुरोध भी किया।
हिमाचल में ड्रोन तकनीक पर आधारित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाए: राजेश धर्माणाी
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