5 प्रतिशत कोटे में एकमुश्त छूट से अधिक परिवार होंगे लाभान्वित
हिमाचल आजकल
शिमला। प्रदेश सरकार ने करूणामूलक आधार पर सरकारी सेवा में नियुक्तियों से संबंधित नीति में अहम संशोधन को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में लिए गए इस निर्णय का उद्देश्य दिवंगत सरकारी कर्मचारियों के परिजनों को समय पर सहायता प्रदान करना और चिरलंबित मांगों का समाधान करना है।
संशोधित नीति के अनुसार अब परिवार की वार्षिक आय सीमा 2$ 50 लाख रुपए से बढ़ाकर 3 लाख रुपए कर दी गई है, जिससे अधिक पात्र परिवार इस नीति के तहत लाभान्वित हो सकेंगे। 45 वर्ष से कम आयु की विधवाओं, माता-पिता से वंचित आवेदकों और ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले कर्मचारियों के आश्रितों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, पात्र आवेदकों को कोटे की सीमा के कारण इस योजना से वंचित न होना पड़े, इसके लिए 5 प्रतिशत कोटे में एकमुश्त छूट को भी स्वीकृति दी गई है।
युवा विधवाएं अचानक पति की मौत के कारण परिवार की पूरी जिम्मेदारी उठाने को विवश होती हैं और उन्हें बच्चों की शिक्षा व बुजुर्गों की देखभाल के लिए तत्काल सहायता की जरूरत होती है। यह नीति संशोधन उन्हें स्थिरता व सहारा देने की दिशा में एक संवेदनशील प्रयास है। यह नीति 18 जनवरी, 1990 को बनाई गई थी, ताकि सेवा के दौरान दिवंगत कर्मचारियों, जिसमें आत्महत्या के मामले भी शामिल हैं, के आश्रितों को राहत स्वरूप रोजगार दिया जा सके।
प्रदेश सरकार ने करूणामूलक नियुक्ति नीति में किए व्यापक संशोधन, आय सीमा बढ़ाई
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