Friday, February 27, 2026

शिक्षा मंत्री ने 6.7 करोड़ से निर्मित सरैन स्कूल के भवन का किया लोकार्पण

रोहित ठाकुर ने देवता बिजट महाराज के मंदिर में नवाया शीश*

हिमाचल आजकल

शिमला। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज चौपाल विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सरैन में लगभग 6 करोड़ 7 लाख से निर्मित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सरैन के भवन का लोकार्पण किया। 

इस अवसर पर उन्होने चौपाल और सिरमौर के आराध्य देवता बिजट के मंदिर में जाकर शीश नवाया और देवता से आशीर्वाद प्राप्त किया और साथ ही क्षेत्र कि समृद्धि और खुशहाली हेतू प्रार्थना की। 

सरैन में आयोजित एक समारोह के दौरान उन्होने क्षेत्र वासियों को बधाई देते हुए बताया कि सरकार प्रदेश के हर क्षेत्र में गुणवत्ता युक्त शिक्षा उपलब्ध करवाने हेतू प्रतिबद्ध है और आज इस संकल्प में एक और नया आयाम जुड़ा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस भवन के निर्माण से सरैन निवासियों और साथ लगते क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शिक्षा प्राप्त करने में सुविधा होगी।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि चौपाल क्षेत्र से उनका एक भावनात्मक सम्बन्ध है क्यूंकि चौपाल रियासतकालीन समय से जुब्बल का भाग रहा है इसलिए जुब्बल का चौपाल के साथ एक सांस्कृतिक जुड़ाव भी है। साथ ही अतीत में बहुत सारे परिवार कुपड़ पर्वत को पार कर जुब्बल से चौपाल और चौपाल से जुब्बल में बस गए थे जिसके कारण दोनों क्षेत्रों के लोगों की पारिवारिक पृष्ठभूमि भी एक दूसरे से जुड़ती है। रोहित ठाकुर ने बताया कि सरैन देवता बिजट का पुण्य स्थान है और पुरे सिरमौर और चौपाल के आराध्य देवता बिजट तथा देवता शिरगुल को जुब्बल में भी पूरी श्रद्धा के साथ माना और पूजा जाता है। इस दृष्टिकोण से भी वह आज यहाँ विशेष प्रसन्नता का अनुभव कर रहे है।

उन्होंने चौपाल विधानसभा क्षेत्र को शिक्षा के सुदृढ़ीकरण के लिए 15 करोड़ रुपए देने की घोषणा की जिसमें से इस वित्तीय वर्ष में 4 करोड़ रुपए जारी कर दिए जाएंगे।

रोहित ठाकुर ने विकासात्मक कार्यों की चर्चा करते हुए बताया कि वर्तमान कांग्रेस सरकार के 3 वर्षों के कार्यकाल के दौरान हिमाचल ने शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। इसके अंतर्गत हज़ारों की संख्या में शिक्षकों के पदों को भरा गया है और यह प्रक्रिया निरंतर जारी है। विद्यार्थियों को सुविधा प्रदान करने की दृष्टि से नए-नए भवनों का निर्माण किया जा रहा है जिसके अंतगर्त राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सरैन का भवन भी शामिल है।

रोहित ठाकुर ने पिछले 3 वर्षों के दौरान प्रदेश भर में हुए विकास कार्यों का विवरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि पिछले तीन वर्ष जनता-हित, पारदर्शिता और प्रणालीगत सुधारों के रहे हैं, जिनका उद्देश्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना, युवाओं को सशक्त बनाना, कमजोर वर्गों को सुरक्षा देना और हिमाचल प्रदेश को समृद्ध, हरित और आत्मनिर्भर राज्य के रूप में स्थापित करना है। तीन साल में कांग्रेस सरकार ने ऐतिहासिक और क्रांतिकारी निर्णय लिए हैं। हमने चुनाव के समय 10 गारंटियां दी थीं जिनमें से 07 को पूरा कर समाज के विभिन्न वर्गों को बड़ी राहत दी है। प्रदेश के 1,36,000 कर्मचारियों से किए गए ओपीएस के वायदे को पहली कैबिनेट बैठक में पूरा किया और सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को सम्मान व आर्थिक सुरक्षा प्रदान की। प्रदेश सरकार ने जब ओपीएस शुरू की तो केंद्र सरकार ने 1600 करोड़ रुपये की बॉरोइंग बंद कर दी जिससे प्रदेश सरकार को तीन वर्ष में 4800 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।

प्रदेश सरकार द्वारा इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना के तहत पात्र महिलाओं को चरणबद्ध तरीके से सम्मान राशि के रूप में हर महीने 1500 रुपये प्रदान किया जा रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश की 35,687 महिलाओं को यह लाभ दिया गया है। पूर्व में अन्य पेंशन योजनाओं से लाभान्वित हो रही 2,37,000 महिलाओं को भी इसके दायरे में लाकर मासिक पेंशन को बढ़ाकर 1500 रुपये किया गया है। 

रोजगार सृजन के क्षेत्र में प्रदेश सरकार ने निरंतर नई पहल की और अब तक सरकार 23,200 युवाओं को सरकारी नौकरी दे चुकी है।

वर्ष 2023 की बरसात के दौरान प्रदेश में 12000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। प्रदेश सरकार ने आपदा प्रभावितों को अपने संसाधनों से 4500 करोड़ रुपये का पैकेज जारी किया और आपदा प्रभावितों को दिए जाने वाले मुआवजा में ऐतिहासिक वृद्धि की। प्राकृतिक आपदा से इस वर्ष भी हिमाचल को लगभग 12000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। सामाजिक सुरक्षा के तहत पिछले 3 वर्षों में 12095 लाभार्थियों को 28 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत 6000 बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के रूप में अपनाया गया है। इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत प्रदेश में 19,479 विधवा, निराश्रित तथा दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों को प्रतिमाह 1000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार गुणात्मक शिक्षा पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रही है जिसके परिणामस्वरुप राष्ट्रीय स्तर के सर्वेक्षण में हिमाचल प्रदेश की रैंकिंग 21वें स्थान से 05वें स्थान पर पहुंच गई है। सरकार ने 100 सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम शुरू करने का महत्त्वपूर्ण निर्णय लिया है और 20 विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूलों का कार्य शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में शिमला ज़िला के कोटखाई में केंद्रीय विद्यालय की स्वीकृति मिली है।सरकार प्रदेश के अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा मशीनें प्रदान करने पर 3000 करोड़ रुपये खर्च करेगी तथा चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अनेक सुधार किए जा रहे हैं।

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