Saturday, August 1, 2026

प्रदेश सरकार की हिम परिवार पहल बनी वरदान, डेटा आधारित सुशासन को मिली नई दिशा

19.25 लाख परिवार 75.92 लाख नागरिक एक ही डिजिटल मंच से जुड़े
हिमाचल आजकल
शिमला। डिजिटल युग में जहां सुशासन का आधार विश्वसनीय और समेकित आंकड़े बनते जा रहे हैं, वहीं हिमाचल प्रदेश ने हिम परिवार पहल के माध्यम से एक नई मिसाल कायम की है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई यह महत्वाकांक्षी पहल पारंपरिकए बिखरी हुई सेवा प्रणाली से आगे बढक़र एकीकृत और आंकड़ा.आधारित शासन मॉडल की ओर अहम कदम है।
वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में घोषित हिम परिवार का उद्देश्य राज्य के प्रत्येक परिवार और नागरिक की सामाजिक-आर्थिक जानकारी को एक ही मंच पर लाना था। आज यह पहल एक सशक्त राज्य सामाजिक रजिस्ट्री के रूप में विकसित हो चुकी है, जिसमें 19,25,258 परिवार और 75,92,697 सदस्य शामिल हैं। यह न केवल प्रशासनिक दक्षता को दर्शाता है, बल्कि सटीक और प्रमाणित आंकड़ों के आधार पर नीति निर्माण की दिशा में एक बड़ा बदलाव भी है।
इस व्यवस्था के केंद्र में हिम एक्सेस एकल साइन ऑन प्रणाली (एसएसओ) प्लेटफार्म है, जिसने नागरिकों और सरकारी कर्मचारियों के लिए सेवाओं तक पहुंच को सरल और एकीकृत बनाया है। अब एक ही उपयोगकर्ता पहचान और पासवर्ड के माध्यम से विभिन्न सरकारी सेवाओं का लाभ लिया जा सकता है। वर्तमान में 7.2 लाख से अधिक उपयोगकर्ता और लगभग 46,000 सरकारी कर्मचारी इस प्रणाली से जुड़ चुके हैं, जिससे समय और प्रयास की बचत के साथ सेवा वितरण अधिक प्रभावी हुआ है।
इस पहल की एक प्रमुख विशेषता इसका मजबूत आंकड़ा सत्यापन और एकीकरण तंत्र है। मोबाइल आधारित सर्वेक्षणों और वास्तविक समय सत्यापन के माध्यम से आंकड़ों को निरंतर अद्यतन किया जा रहा है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं में 39,697 मृत, 5,595 अपात्र और 600 अनुपलब्ध लाभार्थियों की पहचान कर अपात्र लाभों को रोका गया, जिससे राज्य को लगभग 5 करोड़ रुपए प्रतिमाह की बचत हो रही है। इसके अतिरिक्त 1,07,071 लंबित मामलों का सत्यापन भी प्रगति पर है।

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