हिमकेयर योजना में गड़बड़ी पर जांच के दिए आदेश: सीएम
हिमाचल आजकल
शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कांगड़ा जिला के फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र में औद्योगिक क्षेत्र के निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि शाह नहर के प्रमुख अभियन्ता प्रोजेक्ट का कार्यालय, जिसे पहले फतेहपुर से मंडी स्थानांतरित किया गया थाए अब दोबारा फतेहपुर में स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के महिला मंडलों को 20-20 हज़ार रुपए की सहायता प्रदान करने तथा वजीर राम सिंह स्टेडियम के जीर्णोद्वार के लिए 50 लाख रुपए देने की भी घोषणा की।
कांगड़ा जिला के फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र के जखबड़ में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए आज मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि स्थानीय विधायक भवानी सिंह पठानिया ने जनसेवा के उद्देश्य से अढ़ाई करोड़ रुपए की नौकरी छोडक़र राजनीति का मार्ग चुना है। उन्होंने कहा कि पठानिया अपने क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को भली.भांति समझते हैं और उनके विकास के लिए समर्पित हैं, ताकि क्षेत्र के लोगों को आगे बढऩे के अवसर मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार को वर्तमान सरकार की तुलना में लगभग 60 हजार करोड़ रुपए अधिक प्राप्त हुए थे। उन्होंने बताया कि पूर्व सरकार को राजस्व घाटा अनुदान के रूप में 54 हज़ार करोड़ रुपए और जीएसटी प्रतिपूर्ति के रूप में 16 हज़ार करोड़ रुपए मिले, जबकि वर्तमान सरकार को केवल 17 हज़ार करोड़ रुपए ही प्राप्त हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली भाजपा सरकार ने ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से लगभग एक हज़ार करोड़ रुपये की लागत से भवनों का निर्माण करायाए जो आज भी खाली पड़े हैं। उन्होंने कहा कि आरडीजी बंद होने से प्रदेश को प्रति वर्ष 8 से 10 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल सुर्खियों में बने रहने के लिए बेतुकी बयानबाजी कर रही है और पार्टी आंतरिक रूप से पांच गुटों में विभाजित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने जनता के धन का दुरुपयोग कियाए जबकि वर्तमान सरकार ने भ्रष्टाचार के सभी रास्तों को बंद करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आम जनता की आकांक्षाओं और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नीतियां बनाई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के पिछले कार्यकाल में शिक्षा का स्तर गिरा और वर्ष 2021 में हिमाचल प्रदेश गुणात्मक शिक्षा के मामले में 21वें स्थान पर पहुंच गया था। इसके विपरीतए वर्तमान सरकार ने व्यवस्था में व्यापक सुधार किए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष से पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम की शुरुआत की गई है और 151 स्कूलों को सीबीएसई पैटर्न पर लाया गया है। उन्होंने कहा कि 30 जून तक इन सभी स्कूलों में अध्यापकों की नियुक्ति पूरी कर दी जाएगी, जिसके लिए राज्य स्तर पर चयन प्रक्रिया के तहत परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार के इन प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर शिक्षा के अवसर मिलेंगे और वे भविष्य में चुनौतियों के लिए अधिक सक्षम बन सकेंगे।
राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष और विधायक भवानी सिंह पठानिया ने सभी विकासात्मक परियोजनाओं के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नया बनने वाला पुल क्षेत्र के विकास में मदद करेगाए क्योंकि पहले रात आठ बजे के बाद निजी वाहनों की आवाजाही डैम के कारण बंद हो जाती हैए लेकिन पुल शुरू होने से यहां वैकल्पिक मार्ग होगा और डैम से गुजरने की आवश्यकता नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने इस पुल को प्राथमिकता देते हुए आज इस पुल का काम शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि पुल बनने के बाद यहां औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा और अगले दो वर्षों में यहां उद्योग आएंगे। यह पुल पूरे हिमाचल प्रदेश की आर्थिकी बदल देगा।


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